बकासन
imported>InternetArchiveBot द्वारा परिवर्तित ०६:०५, १५ जून २०२० का अवतरण (Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.1)
चित्र:Bakasana.jpg
बकासन
बकासन
दोनों हाथों की हथेलियों को भूमि पर स्थिर करके घुटनों को कोहनियाँ से ऊपर भुजाओं पर स्थिर कीजिए। श्वास अन्दर भरके शरीर के भार को हथेलियों पर संभालते हुये धीरे-धीरे पैरों को भूमि से ऊपर उठाने का यत्न कीजिए। अभ्यास होने पर बगुले जैसी स्थिति हो जायेगी।
लाभ
हाथों के स्नायुओं को विषेश बल एवं आरोग्य मिलता है। मुख की कान्ति बढती है।