मनिका बत्रा
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व्यक्तिगत जानकारी | |
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राष्ट्रीयता | भारतीय |
जन्म | साँचा:br separated entries |
मृत्यु | साँचा:br separated entries |
कद | साँचा:convert (2016) |
वज़न | साँचा:convert (2018)[१] |
मनिका बत्रा (साँचा:lang-en)(जन्म १५ जून १९९५) एक भारतीय टेबल टेनिस के खिलाड़ी है।[२] अप्रैल २०१८ के अनुसार वह भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं तथा विश्व में ५८वीं वरीयता प्राप्त हैं। [३] इन्होंने २०१६ ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।[४]
व्यक्तिगत जीवन
मनिका बत्रा का जन्म १५ जून १९९५ को हुआ था। वह अपने तीन भाई बहनों में सबसे छोटी हैं।[४] इनका परिवार नारायणा विहार दिल्ली के रहवासी है।[५] इन्होंने मात्र चार वर्ष की उम्र में ही टेबल टेनिस खेलनी शुरू कर दी थी।[६] इनकी बड़ी बहन आँचल तथा बड़े भाई साहिल दोनों ही टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं।[७] राज्य स्तर अंडर-८ प्रतियोगिता जीतने के पश्चात् बत्रा ने सन्दीप गुप्ता से प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया, जिन्होंने उन्हें हंसराज मॉडल स्कूल में प्रवेश लेने को कहा जहाँ उनकी शिक्षा पूर्ण हुई।[७]
बत्रा को किशोरावस्था में बहुत से मॉडलिंग के प्रस्ताव मिले जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।[१] जब वह १६ वर्ष की थी तब उन्होंने स्वीडन में पीटर कार्लसन अकादमी में प्रशिक्षण की छात्रवृति को ठुकरा दिया।[८] उन्होंने जीसस एण्ड मैरी कॉलेज में एक साल पढ़ी और फिर टेबल टेनिस पर ध्यान देने हेतु छोड़ दिया।[९]
करियर
2011 में मनिका बत्रा ने चिली ओपन में अंडर-२१ श्रेणी का रजत पदक अपने नाम किया।[६] उन्होंने 2014 राष्ट्रमण्डल खेलों तथा 2014 एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया जहाँ क्रमशः वह क्वार्टरफाइनल[७] तथा तीसरे दौर तक पहुँच सकी। उन्होंने २०१५ राष्ट्रमण्डल टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में तीन पदक जीतें, जिसमे महिला टीम स्पर्धा अंकिता दास व मौमा दास के साथ रजत, अंकिता दास के साथ महिला युगल स्पर्धा में रजत तथा महिला एकल स्पर्धा में कांस्य जीता।[१०][११]
उन्होंने 2016 दक्षिण एशियाई खेलों की महिला युगल स्पर्धा में पूजा सहस्रबुद्धे के, मिश्रित युगल स्पर्धा में एंथोनी अमलराज के साथ तथा महिला टीम स्पर्धा में मौमा दास व शामिनी कुमारेसन के साथ तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किये।[१२] इन्हीं खेलों में उन्हें मौमा दास के हाथों हारकर महिला एकल स्पर्धा के रजत पदक से संतोष करना पड़ा।[१३] उन्होंने 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में भी क्वालीफाई किया[१४] परन्तु वह पोलैंड की कतार्ज्याना ग्रिय्ज्बोव्सका के हाथों हारकर पहले दौर में बाहर हो गयी।[१५]
बत्रा के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में सिंगापुर को हराकर महिला टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।[१६] इससे पहले राष्ट्रमण्डल खेलों में टेबल टेनिस स्पर्धा को जोड़े जाने के बाद सिंगापुर महिला टीम की कभी भी इस स्पर्धा में हार नहीं हुई थी। बत्रा ने इस स्पर्धा में विश्व नंबर ४ फेंग तियानवेई के साथ झोऊ यिहान को हराया जिसके कारण महिला टीम ने सिंगापुर को ३-१ से फाइनल में हराया।[१७]
मनिका बत्रा इन्हीं राष्ट्रमण्डल खेलों में सिंगापुर की यू मेंगयु को हराकर पहली बार भारत के लिये टेबल टेनिस की महिला एकल स्पर्धा का भारत को स्वर्ण पदक दिलवाया। इसके साथ उन्होंने मौमा दास के साथ मिलकर महिला युगल का रजत पदक जीता। फाइनल में वह पूर्व चैम्पियन फेंग तियानवेई व यू मेंगयु की जोड़ी से हार गयीं। इसके अलावा उन्होंने साथियान गणानाशेखरन के साथ मिश्रित युगल स्पर्धा का कांस्य पदक जीता।[१८] मनिका ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिला टीम और महिला एकल में स्वर्ण सहित कुल चार पदक जीते।[१९]
सन्दर्भ
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