सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र द्वितीय लांच पैड
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इसरो की द्वितीय लांच पैड | |||||||||||||
| प्रक्षेपण स्थल | सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र | ||||||||||||
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| स्थान | लुआ त्रुटि: callParserFunction: function "#coordinates" was not found। | ||||||||||||
| संक्षिप्त नाम | SLP | ||||||||||||
| ऑपरेटर | साँचा:flagicon/core भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन | ||||||||||||
| लांच पैड | एक | ||||||||||||
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द्वितीय लांच पैड (Second Launch Pad or SLP) सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा में एक रॉकेट प्रक्षेपण स्थल है। यह सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर स्थित दो लांच पैड में से एक है। द्वितीय लॉन्च पैड या एसएलपी को मार्च 1999 से दिसंबर 2003 की अवधि के दौरान रांची (झारखंड, भारत) में स्थित भारतीय सरकार की एमईसीओएन लिमिटेड द्वारा डिजाइन, आपूर्ति, निर्माण और कमीशन किया गया था।[१] उस समय इस पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च हुए।[२] संबद्ध सुविधाओं के साथ द्वितीय लांच पैड 2005 में बनाया गया था। हालांकि, यह 5 मई 2005 को पीएसएलवी-सी 6 के लॉन्च के साथ ही चालू हुआ था। इस परियोजना के लिए एमईसीओएन लिमिटेड के उप-ठेकेदार, जिनमें इंनोक इंडिया, एचईसी, टाटा ग्रोथ, गोदरेज बॉयस, सिम्प्लेक्स, नागार्जुन कंस्ट्रक्शन, स्टीलेज आदि शामिल थे। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर अन्य लॉन्च पैड प्रथम लांच पैड है। द्वितीय लांच पैड का इस्तेमाल ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान, भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान और भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क 3 लॉन्च वाहनों को लॉन्च करने में किया जाता है।[३]
प्रक्षेपण
पैड से पहला लॉन्च 5 मई 2005 को हुआ था। यह एक ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान का था जिसमें कार्टोसेट-1 और हैमसैट उपग्रह थे।[४] 2016 तक, 9 पीएसएलवी (सभी सफल) और 6 जीएसएलवी (2 सफलता, 1 आंशिक सफलता और 3 विफलताएं) यहां से लॉन्च हुए। भारत का पहला चंद्र मिशन, चंद्रयान 22 अक्टूबर 2008 को इसी लॉन्च पैड से लॉन्च किया गया था। इस लॉन्च पैड का सबसे हालिया प्रक्षेपण 5 जून 2017 को जीएसएलवी डी1 का था।
सुविधाएं
यह एकीकृत, स्थानांतरण और लॉन्च (आईटीएल) अवधारणा पर अधारित है जिसमे पहले रॉकेट को व्हीकल असेम्बली बिल्डिग में मोबईल लॉन्च पेडेस्टल पर एकीकृत किया जाता है अर्थात सभी स्टेज को भवन में जोडा जाता है। फिर रॉकेट के एकीकृत हो जाने के बाद सभी चेक आउट किए जाते हैं और रेल ट्रैक के सहरे मोबईल लॉन्च पेडेस्टल पर रॉकेट को लांच पैड तक लाया जाता है और लांच पैड से रॉकेट को लॉन्च कर दिया जाता है।[५]
इसरो ने इस लांच पैड को ठोस व्हीकल असेम्बली बिल्डिग से भी जोडा है जिसमे भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान संस्करण 3 के भारी भरकम एस200 ठोस स्टेज को एकीकृत किया जाता है।[५]
इन्हें भी देखें
- सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र
- सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र प्रथम लांच पैड
- सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र तृतीय लांच पैड
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
सन्दर्भ
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- ↑ अ आ Public domain text sourced from the link - ISRO Launch Facilities स्क्रिप्ट त्रुटि: "webarchive" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।