सिन्ध के त्यौहार
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सिन्ध, मानव इतिहास की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है। सिन्धी लोग की विरासत अत्यन्त समृद्ध और अन्यों से अलग है।
- (१) चेटीचंड - यह सिन्ध के हिन्दुओं का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भगवान झूलेलाल का जन्मदिन मनाया जाता है।
- (२) सगरा
- (३) महालक्ष्मी-आ-जो-साग्रो
- (४) व्रत : सिन्धी लोग प्रायः सोमवार, शनिवार, ग्यारस या उमास को उपवास रखते थे। उपवास के समय सत्यनारायण व्रत कथा होती थी और नौ दिन का एकानास (दिन में केवल एक बार भोजन) किआ जाता था।
- (५) तीजरी (सावन माह में)
- (६) अखन तीज : सिन्ध में अक्षय तृतीया को 'अखण्डी' कहा जाता है। यह वैशाख माह में मनायी जाती है।
- (७) अन्न मात्यो
- (९) सोमवती उमास (सोमवती अमावस्या)
- (१०) नन्धी और वद्दी ठाड्री (सावन में)
- (११) जन्माष्टमी
- (१२) रामनवमी
- (१३) शिवरात्रि
- (१४) तिरमूरी या उतराण (उत्तरायण) - इस दिन माता-पिता अपनी विवाहित लड़कियों के ससुराल में लड्डू और चिक्की (लाई) भेजते हैं।
- (१५) दशहरा
- (१६) दियारी (दीपावली)
- (१७) गियारस (कार्तिक मास की)
- (१८) नवरात्र
- (१९) लाल लोइ (लोहड़ी) -- प्रतिवर्ष १३ जनवरी को
- (२०) राखी (रक्षा बन्धन)
- (२१) श्राद्ध
- (२२) नागपंचमी
- (२३) होली