शिल्पा राव
शिल्पा राव | |
|---|---|
| २०१२ में जब तक है जान के प्रीमियर पर राव २०१२ में जब तक है जान के प्रीमियर पर राव | |
| पृष्ठभूमि की जानकारी | |
| जन्मनाम | अपेक्षा राव |
| जन्म | साँचा:br separated entries |
| मृत्यु | साँचा:br separated entries |
| पार्श्वगायिका | |
| वाद्ययंत्र | स्वर |
| सक्रिय वर्ष | २००७–वर्तमान |
शिल्पा राव (जन्म: अपेक्षा राव; ११ अप्रैल १९८४) एक भारतीय गायिका हैं। जमशेदपुर में जन्मी और पली बढ़ी राव १३ वर्ष की उम्र में मुंबई चली गई, जहाँ उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में मास्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद तीन साल तक जिंगल गायिका के रूप में काम किया। उनके कॉलेज के दिनों में संगीतकार मिथुन ने उन्हें अनवर (२००७) के गीत "जावेदाँ ज़िंदगी" को गाने की पेशकश की, जो उनका पहला बॉलीवुड गीत हुआ।
प्रारम्भिक जीवन
११ अप्रैल १९८४ को जमशेदपुर में जन्मी शिल्पा राव का बचपन में नाम अपेक्षा राव था, जिसे उन्होंने बाद में बदलकर शिल्पा राव कर दिया।[१] उनके अनुसार, वह शिल्पा नाम से अधिक संबंध रखती हैं, क्योंकि इस नाम का "कला के साथ संबंध" है।[१] काफी कम उम्र में ही उन्होंने गाना शुरू कर दिया था; उस समय उनके पिता, एस वेंकट राव उन्हें गाना सिखाते थे, जिनके पास संगीत में डिग्री है।[२][३] उन्होंने शिल्पा को अलग-अलग रागों की "बारीकियों" को समझना सिखाया, जिनके अनुसार "उनके पढ़ाने का तरीका आकस्मिक था, और साथ ही बहुत प्रभावी भी था, क्योंकि यह मेरी [शिल्पा की] रुचि को ध्यान में रखकर बनाया गया था"।[४] राव ने जमशेदपुर के लिटिल फ्लावर स्कूल और लोयोला स्कूल से प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त की, जहाँ वह स्कूल क्वायर में शामिल थी।[५][६] १९९७ में वह अपने परिवार के साथ मुंबई चली गयी, जहाँ उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया।[५]
१३ वर्ष की उम्र में हरिहरन के साथ एक मुलाकात ने राव को गायिका बनने के लिए प्रेरित किया, और हरिहरन के जोर देने पर ही उन्होंने उस्ताद गुलाम मुस्तफ़ा खान के तहत प्रशिक्षण शुरू किया।[२][३] शुरू में उन्हें संगीत रचनाकारों से मिलने और रिफरेंस खोजने में काफी दिक्क्त हुई क्योंकि वह उस समय सोशल नेटवर्किंग साइटों पर "इतनी सक्रिय" नहीं थीं।[३] शहर में अपने शुरुआती दिनों के बारे में राव ने कहा: "जमशेदपुर मेरे लिए घर है, लेकिन मुंबई ने अपने लोगों, जगह, और गति समेत हर चीज़ के साथ मुझे इतनी धैर्यवान व्यक्ति और इतनी मेहनती कलाकार बना दिया है, जितना मैं कभी हो सकती थी।"[२] २००१ में उन्होंने हरिहरन के साथ विभिन्न स्थानों पर लाइव प्रदर्शन करना शुरू किया, और बाद में नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्तर की टैलेंट हंट प्रतियोगिता की विजेता रही।[५] शंकर महादेवन, जो इस प्रतियोगिता में शामिल न्यायाधीशों में से एक थे, ने उन्हें मुंबई में बसने की सलाह दी।[५]
२००४ में, वह मुंबई चली गईं और वहां सेंट जेवियर्स कॉलेज से एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में मास्टर की पढ़ाई पूरी की।[४] महादेवन ने राव को कुछ लोगों के संपर्क बताए, जिन्होंने जिंगल गाने में उनकी मदद की।[७] राव ने उल्लेख किया कि मुंबई में काम शुरू करने के लिए जिंगल्स गाना "शायद सबसे अच्छा तरीका" था क्योंकि इससे उन्हें स्टूडियो के लोगों से बेहतर संपर्क बनाने में मदद मिली।[५] उन्होंने तीन साल तक एक जिंगल गायिका के रूप में काम किया,[८] और इस दौरान उन्होंने कैडबरीज़ मंच, सनसिल्क, एंकर जेल और नो मार्क्स जैसे उत्पादों के लिए जिंगल गाए।[५]
डिस्कोग्राफी
- "जावेदाँ ज़िन्दगी" — अनवर (२००७)
- "वो अजनबी" — द ट्रेन (२००७)
- "खुदा जाने" — बचना ऐ हसीनो (२००८)
- "ढोल यारा ढोल" — देव-डी (२००९)
- "ऐसी सज़ा" — गुलाल (२००९)
- "मुड़ी मुड़ी इत्तेफ़ाक़ से" — पा (२००९)
- "अनजाना अनजानी" - "अनजाना अनजानी" (२०१०)
- "इश्क़ शवा" — जब तक है जान (२०१२)
- "गुस्ताख़ दिल" — इंग्लिश विंग्लिश (२०१२)
- "मनमर्ज़ियाँ" — लुटेरा (२०१३)
- "मलंग" — धूम ३ (२०१३)
- "गुलाबी" - गुलाब गैंग (२०१४)
- "मेहरबाँ" — बैंग बैंग! (२०१४)
- "पार चना दे" — कोक स्टूडियो पाकिस्तान (२०१६)
- "बुल्लेया" — ऐ दिल है मुश्किल (२०१६)
- "आज जाने की ज़िद ना करो" - ऐ दिल है मुश्किल (२०१६)
- "कलंक" -कलंक (२०१९)
- "शाबाशियाँ" - मिशन मंगल (२०१९)
- "घुँघरू" - वॉर (२०१९)
पुरस्कार तथा नामांकन
| वर्ष | श्रेणी | गीत | फ़िल्म | परिणाम | सन्दर्भ |
|---|---|---|---|---|---|
| फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार | |||||
| २०१० | सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका | "मुड़ी मुड़ी" | पा | rowspan="2" साँचा:nom | [९] |
| २००९ | "खुदा जाने" | बचना ऐ हसीनो | [१०] | ||
| २०२० | "घुंघरू" | वॉर | साँचा:won | [११] | |
| अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फ़िल्म अकादमी पुरस्कार | |||||
| २०१० | सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका | "मुड़ी मुड़ी" | पा | rowspan="2" साँचा:nom | [१२] |
| २००९ | "खुदा जाने" | बचना ऐ हसीनो | [१३] | ||
| स्क्रीन पुरस्कार | |||||
| २०१० | सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका | "मुड़ी मुड़ी" | पा | साँचा:nom | [१४] |
| २००९ | "खुदा जाने" | बचना ऐ हसीनो | साँचा:won | [१५] | |
| ग्लोबल इंडियन म्यूजिक एकेडमी अवार्ड्स | |||||
| २०१४ | सर्वश्रेष्ठ संगीत पदार्पण | "दम दम" | कोक स्टूडियो भारत | साँचा:won | [१६] |
| २०१२ | सर्वश्रेष्ठ पॉप/रॉक एकल | "आई बिलीव" परिक्रमा तथा अग्नि के साथ | द देवरिस्ट्स | साँचा:nom | [१७] |
| भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार | |||||
| २०११ | सर्वश्रेष्ठ गायिका | "बेकाबू" | नव्या... नयी धड़कन नए सवाल | साँचा:won | [१८] |
| मिर्ची म्यूजिक अवार्ड्स | |||||
| २०१६ | वर्ष की महिला गायिका | "बुल्लेया" | ऐ दिल है मुश्किल | साँचा:nom | [१९] |
सन्दर्भ
- ↑ अ आ साँचा:cite news
- ↑ अ आ इ साँचा:cite web
- ↑ अ आ इ साँचा:cite news
- ↑ अ आ साँचा:cite magazine
- ↑ अ आ इ ई उ ऊ साँचा:cite news
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite news
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