नरेश मेहता
| श्री नरेश मेहता | |
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| मृत्यु स्थान/समाधि | साँचा:br separated entries |
| व्यवसाय | लेखक , कवि |
| भाषा | खड़ीबोली , हिन्दी |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| उल्लेखनीय कार्यs | साँचा:unbulleted list |
| उल्लेखनीय सम्मान | साँचा:awd साँचा:awd |
| जीवनसाथी | श्रीमती महिमा मेहता ( विवाह : 16 फरवरी 1957) |
| सम्बन्धी | श्रीमती वान्या मेहता वोरा (सुपुत्री), श्रीमती वंदना मेहता (पुत्रवधु), स्व. श्री ईशान मेहता (सुपुत्र), श्री सुधीर वोरा (दामाद) |
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ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी के यशस्वी कवि श्री नरेश मेहता उन शीर्षस्थ लेखकों में हैं जो भारतीयता की अपनी गहरी दृष्टि के लिए जाने जाते हैं। नरेश मेहता ने आधुनिक कविता को नयी व्यंजना के साथ नया आयाम दिया। रागात्मकता, संवेदना और उदात्तता उनकी सर्जना के मूल तत्त्व है, जो उन्हें प्रकृति और समूची सृष्टि के प्रति पर्युत्सुक बनाते हैं। आर्ष परम्परा और साहित्य को श्रीनरेश मेहता के काव्य में नयी दृष्टि मिली। साथ ही, प्रचलित साहित्यिक रुझानों से एक तरह की दूरी ने उनकी काव्य-शैली और संरचना को विशिष्टता दी। श्रीनरेश मेहता दूसरा सप्तक के प्रमुख कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं।
जीवन
श्री नरेश मेहता का जन्म 15 फरवरी, 1922 को मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के शाजापुर में हुआ। आरम्भिक शिक्षा कई स्थानों पर हुई और बाद में माधव कॉलेज, उज्जैन से इंटरमीडिएट किया। आपने काशी विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए. किया। यहाँ आप पर अपने गुरु श्री केशवप्रसाद मिश्र का गहरा प्रभाव पड़ा। श्री मिश्रजी वेद एवं उपनिषदों के ज्ञाता एवं प्रकांड पंडित थे।
गतिविधियाँ: उज्जैन में ही आप स्वाधीनता आन्दोलन (1942) में छात्र-नेता के रूप में सक्रिय हुए। सन् 1948 से 1953 तक आप आकाशवाणी के विभिन्न केन्द्रों पर कार्यक्रम अधिकारी रहे। 1955 तक आप वामपंथी राजनीति से भी सम्बद्ध रहे। विद्यार्थी-काल में वाराणसी से प्रकाशित दैनिक ‘आज’ और ‘संसार’ में कार्यरत रहे। सन् 1953 में सरकारी सेवा से मुक्त होकर कुछ समय के लिए गांधी प्रतिष्ठान से जुड़े और तत्पश्चात् राष्ट्रीय मज़दूर कांग्रेस के प्रमुख साप्ताहिक ‘भारतीय श्रमिक’ के प्रधान सम्पादक रहे। साथ ही ‘कृति’ एवं ‘आगामी कल’ जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का सम्पादन किया।आपने आल इण्डिया रेडियो इलाहाबाद में कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कार्य किया।
लेखन
सन् 1959 से 85 तक आपने इलाहाबाद में रहकर स्वतंत्र लेखन किया। 1985 से फरवरी, 1992 तक प्रेमचन्द सृजनपीठ के निदेशक रहे। प्रमुख दैनिक ‘चौथा संसार’ के प्रधान सम्पादक भी रहे। काव्य, खंडकाव्य, उपन्यास, एकांकी, कहानी, निबन्ध, यात्रा-वृत्तान्त आदि विधाओं में 40 से ज़्यादा रचनाएँ प्रकाशित। आपकी सम्पूर्ण रचनाएँ 11 खंडों में प्रकाशित ‘श्रीनरेश मेहता रचनावली’ में शामिल हैं।
श्री नरेश मेहता की कृतियाँ - वर्ष
(इटैलिक में दी गई कृतियाँ मरणोपरांत प्रकाशित हुई हैं.)
काव्य
तथागत - काशी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कवियों का संकलन 1944
दूसरा सप्तक – सम्पादक - श्री अज्ञेय, 1951
वनपाखी सुनो – 1957
बोलने दो चीड़ को – 1962
मेरा समर्पित एकांत – 1963
उत्सवा - 1974
तुम मेरा मौन हो - 1982
अरण्या - 1985
अखिर समुद्र से तात्पर्य - 1988
पिछले दिनों नंगे पैरो - 1999
देखना एक दिन - 1990
चैत्या – 1993
समिधा (2 Volumes) - 1997
सम्पूर्ण कविताएँ (Sampoorn Kavitayen) (2 Volumes) - 2017
अपांतेय ( काव्य संग्रह) – 2007
खण्ड काव्य
संशय की एक रात - 1962
महाप्रस्थान - 1975
प्रवादपर्व - 1977
प्रार्थना पुरुष - 1986
शबरी - 1978
पुरुष ( काव्य खण्ड) - 2005
उपन्यास
डूबते मस्तूल – 1983
यह पथ बंधु था - 1962
धूमकेतु एक श्रुति - 1962
नदी यशस्वी है - 1964
दो एकांत - 1965
प्रथम फाल्गुन – 1966
उत्तर कथा ( 2 भाग ) - 1979 (पहला भाग) & 1982 (दूसरा भाग)
कहानी संकलन
तथापि - 1962
एक समर्पित महिला - 1965
जलसाघर और अन्य कहानियाँ - 1987
प्रतिश्रुति ( कहानी संग्रह) – 2005
नाटक
सुबह के घण्टे – 1955
खंण्डित यात्राएँ - 1962
सनोवर के फूल (एकाँकी) - 1962
पिछली रात की बरफ (रेडियो एकाँकी) - 1962
चिन्तन समीक्षा Chintan Samiksha
काव्य का वैष्णव व्यक्तित्व - 1966
काव्यात्मकता का दिक्-काल – 1986
मुक्तिबोध, एक अवधूत कविता - 1985
शब्द-पुरुष अज्ञेय - 1988
सम्पादन Sampaadan
वाग्देवी (हिन्दी कविता की गोल्डन ट्रेजरी) – 1972
अन्य ललित - विविध
आधी रात की दस्तक :के आर मत्कानी - (अनुवाद) 1977
साधु न चले जमात (यात्रा संस्मरण) - 1991
हम अनिकेतन (निबंध) - 1966
हिन्दी साहित्य सम्मेलन का इतिहास – 1996
प्रति सप्ताह – 1995
प्रदक्षिणा अपने समय की – 2000
आधुनिक कवि – 1984
कितना अकेला आकाश (यात्रा संस्मरण) - 2003
समय-असमय (निबन्ध संग्रह) – 2008
मेरे साक्षात्कार – 2008
श्रीनरेश मेहता रचनावली (ग्यारह खण्डों में श्रीनरेश मेहता की सम्पूर्ण रचनावली) - 2016
भाषा शैली
श्री नरेश मेहता की भाषा संस्कृतनिष्ठ खड़ीबोली है। शिल्प और अभिव्यंजना के स्तर पर उसमें ताजगी और नयापन है। उन्होंने सीधे, सरल बिम्बों का प्रयोग भी किया है। मेहता जी की भाषा विषयानुकूल, भावपूर्ण तथा प्रवाहमयी है। उनके काव्य में रूपक, मानवीकरण, उपमा, उत्प्रेक्षा, अनुप्रास आदि अलंकारों का प्रयोग हुआ है। नवीन उपमानो के साथ-साथ परंपरागत और नवीन छंदों का प्रयोग मेहता जी ने किया है।
श्री नरेश मेहता – पुरस्कार / सम्मान
1974 मध्य प्रदेश शासन सम्मान
1982 उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य परिषद – सारस्वत सम्मान
1984-85 मध्य प्रदेश शासन – शिखर सम्मान
1985 उत्तर प्रदेश शासन सम्मान
1986 हिन्दी साहित्य सम्मेलन – मंगलाप्रसाद पारितोषिक
1988 केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार
1990 उत्तर प्रदेश शासन का सर्वोच्च सम्मान – भारत भारती सम्मान
1991 मध्य प्रदेश नाटक लोक कला अकादमी द्वारा अलंकरित
1992 मध्य प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन – भवभूति अलंकरण
1993 भारतीय ज्ञानपीठ पुरुस्कार
बाहरी कड़ियाँ
- नरेश मेहता की रचनाएँ (कविता कोश में)
- नरेश मेहता का काव्य - एक अध्ययन (शोधपत्र)
- श्रीनरेश मेहता का वीडियो साक्षात्कार (युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के उद्देश्य से प्रेरित) वर्ष 1993 में