नरेश मेहता

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श्रीनरेश मेहता
चित्र:Taampatra by n.Rao Jayanpith 1993.jpg
श्रीनरेश मेहताजी को ज्ञानपीठ पुरुस्कार प्रदान करते तत्कालीन परम विद्वान प्रधानमंत्री श्री पी.वी. नरसिम्हाराव, समीप हैं ज्ञानपीठ प्रकाशन के तत्कालीन तंत्री साहू श्री अशोक जैन.
चित्र:Mahamahim Rajyapal dwara Logo Vimochan.jpg
श्रीनरेश मेहता जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का विमोचन मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा, समीप हैं समारोह के सहभागी मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे, श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति के मंत्री श्री अरविन्द ओझा एवं श्रीनरेश मेहता जन्म शताब्दी समारोह समिति के संयोजक श्री आलोक बाजपेयी. 
चित्र:श्रीनरेश मेहता जन्म शताब्दी वर्ष में विविध संस्थाओं द्वारा प्रयुक्त किया जा रहा लोगो.png
श्रीनरेश मेहता जन्म शताब्दी वर्ष में विविध संस्थाओं द्वारा प्रयुक्त किए जा रहे लोगो का उदहारण
श्री नरेश मेहता
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मृत्युसाँचा:br separated entries
मृत्यु स्थान/समाधिसाँचा:br separated entries
व्यवसायलेखक , कवि
भाषाखड़ीबोली , हिन्दी
राष्ट्रीयताभारतीय
उल्लेखनीय कार्यsसाँचा:unbulleted list
उल्लेखनीय सम्मानसाँचा:awd साँचा:awd
जीवनसाथीश्रीमती महिमा मेहता ( विवाह : 16 फरवरी 1957)
सम्बन्धीश्रीमती वान्या मेहता वोरा (सुपुत्री), श्रीमती वंदना मेहता (पुत्रवधु), स्व. श्री ईशान मेहता (सुपुत्र), श्री सुधीर वोरा (दामाद)

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ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी के यशस्वी कवि श्री नरेश मेहता उन शीर्षस्थ लेखकों में हैं जो भारतीयता की अपनी गहरी दृष्टि के लिए जाने जाते हैं। नरेश मेहता ने आधुनिक कविता को नयी व्यंजना के साथ नया आयाम दिया। रागात्मकता, संवेदना और उदात्तता उनकी सर्जना के मूल तत्त्व है, जो उन्हें प्रकृति और समूची सृष्टि के प्रति पर्युत्सुक बनाते हैं। आर्ष परम्परा और साहित्य को श्रीनरेश मेहता के काव्य में नयी दृष्टि मिली। साथ ही, प्रचलित साहित्यिक रुझानों से एक तरह की दूरी ने उनकी काव्य-शैली और संरचना को विशिष्टता दी। श्रीनरेश मेहता दूसरा सप्तक के प्रमुख कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं।

जीवन

श्री नरेश मेहता का जन्म 15 फरवरी, 1922 को मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के शाजापुर में हुआ। आरम्भिक शिक्षा कई स्थानों पर हुई और बाद में माधव कॉलेज, उज्जैन से इंटरमीडिएट किया। आपने काशी विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए. किया। यहाँ आप पर अपने गुरु श्री केशवप्रसाद मिश्र का गहरा प्रभाव पड़ा। श्री मिश्रजी वेद एवं उपनिषदों के ज्ञाता एवं प्रकांड पंडित थे।

गतिविधियाँ: उज्जैन में ही आप स्वाधीनता आन्दोलन (1942) में छात्र-नेता के रूप में सक्रिय हुए। सन् 1948 से 1953 तक आप आकाशवाणी के विभिन्न केन्द्रों पर कार्यक्रम अधिकारी रहे। 1955 तक आप वामपंथी राजनीति से भी सम्बद्ध रहे। विद्यार्थी-काल में वाराणसी से प्रकाशित दैनिक ‘आज’ और ‘संसार’ में कार्यरत रहे। सन् 1953 में सरकारी सेवा से मुक्त होकर कुछ समय के लिए गांधी प्रतिष्ठान से जुड़े और तत्पश्चात् राष्ट्रीय मज़दूर कांग्रेस के प्रमुख साप्ताहिक ‘भारतीय श्रमिक’ के प्रधान सम्पादक रहे। साथ ही ‘कृति’ एवं ‘आगामी कल’ जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का सम्पादन किया।आपने आल इण्डिया रेडियो इलाहाबाद में कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कार्य किया।

लेखन

सन् 1959 से 85 तक आपने इलाहाबाद में रहकर स्वतंत्र लेखन किया। 1985 से फरवरी, 1992 तक प्रेमचन्द सृजनपीठ के निदेशक रहे। प्रमुख दैनिक ‘चौथा संसार’ के प्रधान सम्पादक भी रहे। काव्य, खंडकाव्य, उपन्यास, एकांकी, कहानी, निबन्ध, यात्रा-वृत्तान्त आदि विधाओं में 40 से ज़्यादा रचनाएँ प्रकाशित। आपकी सम्पूर्ण रचनाएँ 11 खंडों में प्रकाशित ‘श्रीनरेश मेहता रचनावली’ में शामिल हैं।

श्री नरेश मेहता की कृतियाँ - वर्ष

(इटैलिक में दी गई कृतियाँ मरणोपरांत प्रकाशित हुई हैं.)


काव्य

तथागत -  काशी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कवियों का संकलन 1944

दूसरा सप्तक – सम्पादक - श्री अज्ञेय, 1951

वनपाखी सुनो – 1957

बोलने दो चीड़ को – 1962

मेरा समर्पित एकांत – 1963

उत्सवा - 1974

तुम मेरा मौन हो - 1982

अरण्या - 1985

अखिर समुद्र से तात्पर्य - 1988

पिछले दिनों नंगे पैरो - 1999

देखना एक दिन - 1990

चैत्या – 1993

समिधा (2 Volumes) - 1997

सम्पूर्ण कविताएँ (Sampoorn Kavitayen) (2 Volumes) - 2017

अपांतेय ( काव्य संग्रह) – 2007


खण्ड काव्य

संशय की एक रात - 1962

महाप्रस्थान - 1975

प्रवादपर्व - 1977

प्रार्थना पुरुष - 1986

शबरी - 1978

पुरुष ( काव्य खण्ड) - 2005


उपन्यास

डूबते मस्तूल – 1983

यह पथ बंधु था - 1962

धूमकेतु एक श्रुति - 1962

नदी यशस्वी है - 1964

दो एकांत - 1965

प्रथम फाल्गुन – 1966

उत्तर कथा ( 2 भाग ) - 1979 (पहला भाग) & 1982 (दूसरा भाग)


कहानी संकलन

तथापि - 1962

एक समर्पित महिला - 1965

जलसाघर और अन्य कहानियाँ - 1987

प्रतिश्रुति ( कहानी संग्रह) – 2005


नाटक

सुबह के घण्टे – 1955

खंण्डित यात्राएँ - 1962

सनोवर के फूल (एकाँकी) - 1962

पिछली रात की बरफ (रेडियो एकाँकी) - 1962


चिन्तन समीक्षा Chintan Samiksha

काव्य का वैष्णव व्यक्तित्व - 1966

काव्यात्मकता का दिक्-काल – 1986

मुक्तिबोध, एक अवधूत कविता - 1985

शब्द-पुरुष अज्ञेय - 1988


सम्पादन Sampaadan

वाग्देवी (हिन्दी कविता की गोल्डन ट्रेजरी) – 1972


अन्य ललित - विविध

आधी रात की दस्तक :के आर मत्कानी - (अनुवाद) 1977

साधु न चले जमात (यात्रा संस्मरण) - 1991

हम अनिकेतन (निबंध) - 1966

हिन्दी साहित्य सम्मेलन का इतिहास – 1996

प्रति सप्ताह – 1995

प्रदक्षिणा अपने समय की – 2000

आधुनिक कवि – 1984

कितना अकेला आकाश (यात्रा संस्मरण) - 2003

समय-असमय (निबन्ध संग्रह) – 2008

मेरे साक्षात्कार – 2008

श्रीनरेश मेहता रचनावली (ग्यारह खण्डों में श्रीनरेश मेहता की सम्पूर्ण रचनावली) - 2016

भाषा शैली

श्री नरेश मेहता की भाषा संस्कृतनिष्ठ खड़ीबोली है। शिल्प और अभिव्यंजना के स्तर पर उसमें ताजगी और नयापन है। उन्होंने सीधे, सरल बिम्बों का प्रयोग भी किया है। मेहता जी की भाषा विषयानुकूल, भावपूर्ण तथा प्रवाहमयी है। उनके काव्य में रूपक, मानवीकरण, उपमा, उत्प्रेक्षा, अनुप्रास आदि अलंकारों का प्रयोग हुआ है। नवीन उपमानो के साथ-साथ परंपरागत और नवीन छंदों का प्रयोग मेहता जी ने किया है।

श्री नरेश मेहता – पुरस्कार / सम्मान

1974 मध्य प्रदेश शासन सम्मान

1982 उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य परिषद – सारस्वत सम्मान

1984-85 मध्य प्रदेश शासन – शिखर सम्मान

1985 उत्तर प्रदेश शासन सम्मान

1986 हिन्दी साहित्य सम्मेलन – मंगलाप्रसाद पारितोषिक

1988 केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार

1990 उत्तर प्रदेश शासन का सर्वोच्च सम्मान – भारत भारती सम्मान

1991 मध्य प्रदेश नाटक लोक कला अकादमी द्वारा अलंकरित

1992 मध्य प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन – भवभूति अलंकरण

1993 भारतीय ज्ञानपीठ पुरुस्कार

बाहरी कड़ियाँ