क्वांटम सरल आवर्ती दोलक
नेविगेशन पर जाएँ
खोज पर जाएँ
| क्वांटम यांत्रिकी |
|---|
|
परिचय शब्दावली · इतिहास |
चिरसम्मत यांत्रिकी के न्यूटन के गति नियनों के अनुसार सरल आवर्ती दोलक (A-B) और प्रमात्रा यांत्रिकी की श्रोडिंगर समीकरण के अनुसार (C-H) कुछ पथ। प्रथम दो में कण (एक गेंद के रूप में दिखाया गया है जो जंजीर से जुड़ी हुई है) माध्य स्थिति के इधर-उधर दोलन करता है। अन्य सभी चित्रों में श्रोडिंगर समीकरण के हल प्रदर्शित किये गये हैं जहाँ क्षेतिज अक्ष स्थिति एवं उर्ध्वाधर अक्ष तरंगफलन के वास्तविक (नीला) और काल्पनिक (लाल) भाग को निरूपित करती है। C,D,E,F ऊर्जा आयगन अवस्था को निरूपित करती हैं लेकिन G, H नहीं। H एक कला सम्बद्ध अवस्था है — एक क्वांटम अवस्था जो चिरसम्मत पथ का सन्निकटन करता है।
क्वांटम सरल आवर्ती दोलक (quantum harmonic oscillator) चिरसम्मत सरल आवर्ती दोलक का क्वांटम यांत्रिकरण है।[१][२][३]