खण्डार का अजय दुर्ग

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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित यह दुर्ग 'अजय दुर्ग' या 'तारागढ़' के नाम से जाना जाता है। यह दुर्ग खण्डार कस्बे में स्थित है, सवाई माधोपुर से इस दुर्ग की दूरी करीब ४० किलोमीटर है। राजस्थान में इस किले का अपना अलग ही महत्व है। एक खड़ी पहाड़ी पर स्थित किले के प्रवेश द्वार पर तीन बड़े दरवाजे है। खतरनाक स्थान पर स्थित होने के कारण किले पर हमलावरों की सेनाओं द्वारा आसानी से विजय प्राप्त करना बेहद कठिन था। कहा जाता है कि खण्डार किले के सतारूड़ राजाओं में से एक राजा जिसने जो भी लड़ाई लड़ी उसमें कभी हार नहीं हुई, इसी कारण इस दुर्ग का नाम पड़ा अजय दुर्ग. मध्य काल में बना यह दुर्ग अर्द्ध चन्द्राकार सा दिखाई देता है। इस किले पर शासन करने वाले राजवंशो में से एक मेवाड़ का सिसौदिया वंश था जो कि बाद में मुगलों द्वारा उखाड़ फेंके गए।

खण्डार किले परिसर के अंदर प्रमुख सात मंदिर माने जाते है :

इन मंदिरों के अलावा दो ओर अन्य मंदिर स्थित है। दुर्ग के भीतर परिसर में दो टैंक और सात तालाबों सहित जल के निकाय बने हुए हैं।