दिल्ली में यातायात
यातायात सुविधाएं
बस सेवा:दिल्ली का सार्वजनिक यातायात मुख्यतः बस, ऑटोरिक्शा और मेट्रो रेल सेवा। दिल्ली की मुख्य यातायात आवश्यकता का ६०% बसें ही पूरा करती हैं।[२] दिल्ली परिवहन निगम द्वारा संचालित सरकारी बस सेवा ही दिल्ली की प्रधान बस सेवा है। |दिल्ली परिवहन निगम विश्व की सबसे बड़ी पर्यावरण सहयोगी बस-सेवा प्रदान करता है।[३] हाल ही में बी आर टी की सेवा अंबेडकर नगर और दिल्ली गेट के बीच आरंभ हुई है। दिल्ली में तीन अन्तर्राज्यीय बस अड्डे हैं जहां से दिल्ली तथा पड़ोसी राज्यों के बीच बस सेवा का परिचालन होता है। ये हैं : महाराणा प्रताप अन्तर्राज्यीय बस अड्डा (कश्मीरी गेट), स्वामी विवेकानंद अन्तर्राज्यीय बस अड्डा (आनंद विहार) तथा वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा (सराय काले खान)।
मेट्रो सेवा: दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन द्वारा संचालित दिल्ली मेट्रो रेल एक मास रैपिड ट्रांज़िट (त्वरित पारगमन) प्रणाली है, जो कि दिल्ली के कई क्षेत्रों में सेवा प्रदान करती है। इसकी शुरुआत 24 दिसंबर, 2002 को शहादरा तीस हजारी लाईन से हुई. इस परिवहन व्यवस्था की अधिकतम गति 80किमी/घंटा (50मील/घंटा) रखी गयी है और यह हर स्टेशन पर लगभग 20 सेकेंड रुकती है। सभी ट्रेनों का निर्माण दक्षिण कोरिया की कंपनी ROTEM द्वारा किया गया है। दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में मेट्रो रेल एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले परिवहन का ज्यादतर बोझ सड़क पर था। प्रारंभिक अवस्था में इसकी योजना छह मार्गों पर चलने की है जो दिल्ली के ज्यादातर हिस्से को जोड़ेगी। इस प्रारंभिक चरण के 2006 में पूरा होने की उम्मीद है। बाद में इसका विस्तार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे शहरों गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुड़गाँव और नोएडा इत्यादि को भी जोड़ने की है। इस रेल व्यवस्था के फेज I में मार्ग की कुल लंबाई लगभग ६५.११ किमी है जिसमे १३ किमी भूमिगत एवं ५२ किलोमीटर एलीवेटेड मार्ग है।
फेज II के अंतर्गत पूरे मार्ग की लंबाई १२८ किमी होगी एवं इसमें ७९ स्टेशन होंगे जो अभी निर्माणाधीन हैं, इस चरण के २०१० तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।[५][६]
फेज III (११२ किमी) एवं IV (१०८.५ किमी) लंबाई की बनाये जाने का प्रस्ताव है जिसे क्रमश: २०१५ एवं २०२० तक पूरा किये जाने की योजना है। इन चारों चरणो का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के पश्चात दिल्ली मेट्रो के मार्ग की कुल लंबाई ४१३.८ किलोमीटर की हो जाएगी जो लंदन के मेट्रो रेल (४०८ किमी) से भी बड़ा बना देगी।[६][८][९][१०] दिल्ली के २०२१ मास्टर प्लान के अनुसार बाद में मेट्रो रेल को दिल्ली के उपनगरों तक ले जाए जाने की भी योजना है।
ऑटो रिक्शा दिल्ली में यातायात का एक प्रभावी माध्यम हैं, क्योंकि ये टैक्सी से कहीं कम किराया लेते हैं। अधिकांश सी एन जी पर चलते हैं, व इनका रंग ऊपर पीला व नीचे हरा होता है। दिल्ली में टैक्सी सेवा भी उपलब्ध है, जिसमें अब निजी कंपनियां भी उतर चुकी हैं। ये टैक्सियां, सभी प्रचलित कारें व वैन उपलब्ध करातीं हैं, जो कि वातानुकूलन सहित और बिना वातानुकूलन, दोनो ही प्रकार से मिलती हैं। सेवा मात्र एक फोन कॉल पर उपलब्ध है। इनका किराया ७.५० से १५ रु/कि.मी. तक है।
रेल सेवा: दिल्ली भारतीय रेल के नक्शे का एक प्रधान जंक्शन है। यहां उत्तर रेलवे का मुख्यालय भी है। यहां के पांच मुख्य रेलवे स्टेशन हैं: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली जंक्शन, सराय रोहिल्ला, आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन।[२]
दिल्ली अन्य सभी मुख्य शहरों और महानगरों से कई राजमार्गों और एक्स्प्रेसवे (त्वरित मार्ग) द्वारा जुड़ा हुआ है। यहां वर्तमान में तीन एक्स्प्रेसवे हैं और तीन निर्माणाधीन हैं, जो इसे समृद्ध और वाणिज्यिक उपनगरों से जोड़ेंगे। दिल्ली गुड़गांव एक्स्प्रेसवे दिल्ली को गुड़गांव और अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ता है। डी एन डी फ्लाइवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्स्प्रेसवे दिल्ली को दो मुख्य उपनगरों से जोड़ते हैं। ग्रेटर नौयडा में एक अलग अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा योजनाबद्ध है और नोएडा में इंडियन ग्रैंड प्रिक्स नियोजित है।
वायु सेवा: इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम कोण पर स्थित है और यही अन्तर्देशीय और अन्तर्राष्ट्रीय वायु-यात्रियों के लिए शहर का मुख्य द्वार है। वर्ष २००६-०७ में हवाई अड्डे पर २३ मिलियन सवारियां दर्ज की गईं थीं,[१२][१३] जो इसे दक्षिण एशिया के व्यस्ततम विमानक्षेत्रों में से एक बनाती हैं। US$१९.३ लाख की लागत से एक नया टर्मिनल-३ निर्माणाधीन है, जो ३.४ करोड़ अतिरिक्त यात्री क्षमता का होगा, सन २०१० तक पूर्ण होना निश्चित है।[१४] इसके आगे भी विस्तार कार्यक्रम नियोजित हैं, जो यहां १०० मिलियन यात्री प्रतिवर्ष से अधिक की क्षमता देंगे।[१२] सफदरजंग विमानक्षेत्र दिल्ली का एक अन्य एयरफ़ील्ड है, जो सामान्य विमान अभ्यासों के लिए और कुछ वीआईपी उड़ानों के लिए प्रयोग होता है।[१५]
दिल्ली की कुल वाहन संख्या का ३०% निजी वाहन हैं।[२] दिल्ली में १९२२.३२ कि.मी. की लंबाई प्रति १०० कि.मी.², के साथ भारत का सर्वाधिक सड़क घनत्व मिलता है।[२] दिल्ली भारत के पांच प्रमुख महानगरों से राष्ट्रीय राजमार्गों द्वारा जुड़ा है। ये राजमार्ग हैं: राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या: १, २, ८, १० और २४। दिल्ली की सड़कों का अनुरक्षण दिल्ली नगर निगम (एम सी डी), दिल्ली छावनी बोर्ड, लोक सेवा आयोग और दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाता है।[१६]
दिल्ली के उच्च जनसंख्या दर और उच्च अर्थ विकास दर ने दिल्ली पर यातायात की वृहत मांग का दबाव यहां की अवसंरचना पर बनाए रखा है। २००८ के अनुसार दिल्ली में ५५ लाख वाहन नगर निगम की सीमाओं के अंदर हैं। इस कारण दिल्ली विश्व का सबसे अधिक वाहनों वाला शहर है। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ११२ लाख वाहन हैं।[१७] सन १९८५ में दिल्ली में प्रत्येक १००० व्यक्ति पर ८५ कारें थीं।[१८] दिल्ली के यातायात की मांगों को पूरा करने हेतु दिल्ली और केन्द्र सरकार ने एक मास रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम का आरंभ किया, जिसे दिल्ली मेट्रो कहते हैं।[२] सन १९९८ में सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली के सभि सार्वजनिक वाहनों को डीज़ल के स्थान पर कंप्रेस्ड नैचुरल गैस का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने का आदेश दिया था।[१९] तब से यहां सभी सार्वजनिक वाहन सी एन जी पर ही चालित हैं।
सन्दर्भ
- ↑ साँचा:cite news
- ↑ अ आ इ ई उ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ स्क्रिप्ट त्रुटि: "citation/CS1" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।
- ↑ अ आ Delhi Metro Masterplan 2021
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ स्क्रिप्ट त्रुटि: "citation/CS1" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।
- ↑ द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया
- ↑ Discovery channel : 24 hours with Delhi Metro
- ↑ साँचा:cite news
- ↑ अ आ इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web