पॉल वाइडल डि लॉ ब्लॉश
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पॉल वाइडल डि लॉ ब्लॉश (1855- 1918 ई.) एक प्रमुख फ्रेंच भूगोलवेत्ता था। उसका जन्म १८५५ में पेरिस में हुवा था। अभिनव फ्रांस में नवीन भूगोल्के विकास का श्रेय एकमात्र भूगोलवेत्ता ब्लॉश को है। ने भूगोल के ब्योरेवार क्षेत्र-अध्यन कि प्रोत्साहित किया था और विभिन्न प्रदेशों पर लिखे गए शोध ग्रन्थो का प्रकाशन करने के लिए उसने 1894 में भूगोल की वार्षिक ग्रन्थ माला (Annales de Geographie) की स्थापना की। उसनें वार्षिक संदर्भ-ग्रन्थ-सूची (Bibliographie) के प्रकाशन की भी स्थापना की। महान मानव भूगोलवेत्ता जीन ब्रुंस भी ब्लॉश के शिष्य थे।
परिवेश, मानव एवं सम्भावनाएं
ब्लॉश ने भूगोल के अन्तर्गत भौतिक विश्व या प्रकति जिसे उसने भौगोलिक परिवेश कहा, का अध्यन एवं मानव का अध्यन दोलों को ही अनिवार्य माना। वाइडल डी ला ब्लाश महोदय को संभववाद का जनक माना जाता है
रचनाएं
- युरोप में राष्ट्र एवं राज्य, १८८९।
- युरोप के एतिहासिक एवं भौगोलिक परिवेश पर तैयार की गयी एक एटलस, १८९४।
- फ्रांस का भूगोल, १९०३।
- उसका एक विशेष रूप से प्रसिद्ध एवं बहुचर्चित विस्त्त्त लेख "सामाजिक तथ्यों की भौगोलिक दशाएं", १९०२।
- पूर्वी फ्रांस का भूगोल, १९१७।
- मानव भूगोल, १९२३ (मौत के बाद प्रकाशित)