बेमेतरा
| साँचा:if empty Bemetara | |
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| साँचा:location map | |
| निर्देशांक: साँचा:coord | |
| ज़िला | बेमेतरा ज़िला |
| प्रान्त | छत्तीसगढ़ |
| देश | साँचा:flag/core |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | २८,५३६ |
| • घनत्व | साँचा:infobox settlement/densdisp |
| भाषा | |
| • प्रचलित | हिन्दी, छत्तीसगढ़ी |
| समय मण्डल | भामस (यूटीसी+5:30) |
बेमेतरा (Bemetara) भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के बेमेतरा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है।[१][२]
विवरण
बेमेतरा को फौजी जिला के नाम से भी जाना जाता है बेमेतरा ज़िले को दुर्ग जिले से १४ जनवरी २०१२ को अलग करा गया। यह जिला मूल रूप से अपने उन्हारी उत्पादन के लिए पुरे एशिया में विख्यात हैं। यहाँ चना का अत्यधिक उत्पादन होता है। शिक्षा के क्षेत्र में भी यह जिला अग्रिणी रहा हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कवि सुरेन्द्र दुबे भी इसी माटी के हैं, इन्टरनेट पर न्यूज़ सर्विस दे रहे अजीत कुमार शर्मा बेमेतरा जिले के पहले अधिमान्य प्राप्त पत्रकार हैं। माता भद्रकाली संस्थान, योगिद्वीप. देवरबीजा, सरदा, देवकर. नवागढ़ सहित कई महत्वपूर्ण जगह इस किले में स्थित हैं।बेमेतरा से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम संडी है जहाँ पर माँ सिद्धि विराज मान है जिसके दर्शन मात्र से मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।रेलमार्ग से अछूता यह शहर सिर्फ सड़क मार्ग के भरोसे भी सफलता की और अग्रसर हैं। यही बेमेतरा की रहने वाली श्री मती रिंकी पांडेय ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम किया है , आपने सरकारी विद्यालय में पढाने के साथ साथ निःशुल्क गरीब बच्चो को अपने घर पर पढ़ाती है, जिसमे सभी वर्गों के गरीब बच्चे पढ़ते हैं।
जनसंख्या
बेमेतरा नगर नवीन बेमेतरा जिले का एकमात्र नगर पालिका है।। जो 21 वार्डों में बटा हुआ है। बेमेतरा नगर पालिका के वर्तमान अध्यक्ष श्री विजय सिन्हा जी हैं। बेमेतरा नगर की जनसंख्या 2011 की जनगणना के हिसाब से 28536 है। बेमेतरा नगर में स्थित सिद्ध शक्तिपीठ माता भद्रकाली व माता शीतला के प्रसिद्ध मंदिर हैं।
स्थिति
छत्तीसगढ राज्य दुर्ग जिले को विभजित कर 21 वें जिले के रूप में बालोद एवं 22वें जिले के रूप में 13 जनवरी 2012 को बेमेतरा जिला का गठन किया गया। जिसका विधिवत उदृघाटन राज्य के मुख्यमंत्री माननीय रमन सिंह जी के द्वारा किया गया।
विस्तार
लगभग दो हजार 855 वर्ग किलोमीटर में फैले इस नये जिले में पांच तहसीलों के अंतर्गत 697 गांव, 334 ग्राम पंचायत और सात नगरीय क्षेत्र शामिल हैं। बेमेतरा जिला शिवनाथ, सुरही, हाफ और संकरी नदी के आंचल में 697 गांवों और 334 ग्राम पंचायतों के साथ दो हजार 855 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। नये जिले में पांच तहसीलें (विकासखण्ड) - नवागढ़, बेमेतरा, बेरला, साजा और थानखम्हरिया और सात नगरीय निकाय- नगर पालिका परिषद बेमेतरा सहित नगर पंचायत साजा, थानखम्हरिया, मारो, देवकर, परपोड़ी और बेरला शामिल हैं। जिले के सभी 697 आबाद गांवों का विद्युतीकरण हो चुका है। बेमेतरा जिले में किसान लगभग दो लाख 35 हजार हेक्टेयर में खेती करते हैं। मुख्य रूप से बेमेतरा जिले में धान के साथ-साथ दलहन-तिलहन, गन्ना और गेहूं की खेती हो रही है। नये बेमेतरा जिले की कुल जनसंख्या सात लाख 95 हजार 334 है। इसमें सात लाख 21 हजार की आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।
मन्दिर
जिला मुख्यालय बेमेतरा से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर हाफ नदी के किनारे ग्राम बुचीपुर में चौदहवीं शताब्दी का प्रसिध्द महामाया मंदिर इस नये जिले के गौरवशाली इतिहास का साक्षी है। बेमेतरा जिले में कुल एक हजार 385 शैक्षणिक संस्थाएं संचालित हो रही है। इनमें पांच कॉलेज, 63 हायर सेकेण्डरी स्कूल, 59 हाई स्कूल, 411 मिडिल स्कूल, 845 प्राथमिक शालाएं और दो तकनीकी शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं। बेमेतरा से 15 किलोमीटर की दुरी पर देवरबीजा ग्राम में स्थित सीता मंदिर और रायपुर जीले की सरहद में शिवनाथ और खारून नदी के संगम में अत्यंत रमणीय व धार्मिक पर्यटक स्थल सोमनाथ का मंदिर इस जिले की शोभा बढ़ाते हैं।
इन्हें भी देखें
सन्दर्भ
- ↑ "Inde du Nord - Madhya Pradesh et Chhattisgarh स्क्रिप्ट त्रुटि: "webarchive" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172
- ↑ "Pratiyogita Darpan स्क्रिप्ट त्रुटि: "webarchive" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।," July 2007