हरि ओम श्रीवास्तव
| हरि ओम श्रीवास्तव | |
|---|---|
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| क्षेत्र | प्रसारण, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि संचार |
| प्रसिद्धि | भारत में समुदाय रेडियो के विकास में योगदान |
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हरि ओम श्रीवास्तव एक भारतीय वैज्ञानिक, प्रसारण विशेषज्ञ और प्रशासक हैं, जिन्होंने प्रसारण, सूचना प्रौद्योगिकी तथा कृषि संचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्हें भारत में समुदाय रेडियो (Community Radio) के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के कारण अक्सर “भारत में समुदाय रेडियो के जनक” के रूप में भी जाना जाता है।[१]
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
हरि ओम श्रीवास्तव ने 1967 में गोरखपुर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स में मास्टर ऑफ साइंस (एम.एससी.) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 1996 में पूर्वांचल विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।
उन्होंने बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी (BITS पिलानी) से सूचना प्रणाली (Information Systems) में एम.फिल. (1997) तथा पीएच.डी. (1999) भी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने लंदन के रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से प्रबंधन पाठ्यक्रम तथा जापान के NHK से प्रसारण तकनीक से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया।[२]
करियर
हरि ओम श्रीवास्तव ने 1972 में भारतीय प्रसारण सेवा (Indian Broadcasting Service) में अपना करियर प्रारंभ किया। उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो के महानिदेशालय में अतिरिक्त महानिदेशक (Additional Director General) के रूप में कार्य किया, जो भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव स्तर के समकक्ष पद है।
इस पद पर रहते हुए उन्होंने भारत के राष्ट्रीय प्रसारण नेटवर्क के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) प्रभाग की स्थापना की और प्रसारण इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (BECIL) की स्थापना के लिए अवधारणा और प्रारंभिक योजना तैयार की।[३]
उन्होंने AIR Resources नामक एक रणनीतिक इकाई की भी स्थापना की, जिसका उद्देश्य ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन की प्रसारण अवसंरचना को निजी प्रसारकों के साथ साझा करना था।
समुदाय रेडियो में योगदान
हरि ओम श्रीवास्तव ने भारत में समुदाय रेडियो नीति के निर्माण और उसके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से कई संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) किए गए, जिनमें शामिल हैं:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के साथ 40 शैक्षिक एफएम स्टेशनों की स्थापना के लिए समझौता
- निजी प्रसारकों के साथ 12 वाणिज्यिक एफएम रेडियो स्टेशनों के लिए समझौते
- विभिन्न संस्थानों के साथ समुदाय रेडियो स्टेशनों के लिए समझौते
उन्होंने कृषि मंत्रालय (भारत) के साथ मिलकर किसानों के लिए राष्ट्रीय कृषि प्रसारण नेटवर्क विकसित करने में भी सहयोग दिया।
अन्य भूमिकाएँ
सेवानिवृत्ति के बाद वे कई संस्थानों से जुड़े रहे। वे वर्तमान में निम्न भूमिकाओं में कार्यरत हैं:
- विश्व विकास फाउंडेशन (World Development Foundation India) के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी
- YMCA यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, फरीदाबाद में सहायक प्रोफेसर (Adjunct Professor)
- गर्सन लेहरमैन ग्रुप (GLG), न्यूयॉर्क के सलाहकार
- VisasQ (जापान) के सलाहकार
- कई शैक्षणिक संस्थानों के मानद निदेशक
वे 2000–2002 के दौरान इंस्टीट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स (IETE), नई दिल्ली के अध्यक्ष भी रहे।
पुरस्कार और सम्मान
- 2020 में गुजरात के साइंस सेंटर द्वारा “Scientist of the Month” सम्मान
- 2021 में भारतीय वैज्ञानिकों की सूची में शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल
- समुदाय रेडियो के विकास में योगदान के लिए व्यापक मान्यता
अनुसंधान रुचियाँ
उनकी प्रमुख रुचियाँ निम्न क्षेत्रों में हैं:
- सूचना प्रणाली (Information Systems)
- डिजिटल संग्रहण (Digital Storage)
- मल्टीमीडिया प्रसारण
- सामाजिक मुद्दों के लिए प्रसारण तकनीक
संदर्भ
https://sirhariomsrivastava.in/
बाहरी कड़ियाँ
- World Development Foundation India आधिकारिक वेबसाइट