सुधीर फड़के
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सुधीर फडके सुधीर फडके | |
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| सन २००२ में पण्डित जसराज से 'सह्याद्रि स्वररत्न पुरस्कार' प्राप्त करते हुए सुधीर फडके सन २००२ में पण्डित जसराज से 'सह्याद्रि स्वररत्न पुरस्कार' प्राप्त करते हुए सुधीर फडके | |
| पृष्ठभूमि की जानकारी | |
| जन्मनाम | राम फडके |
| अन्य नाम | बबूजी |
| जन्म | साँचा:br separated entries |
| मूल | कोल्हापुर, महाराष्ट्र, भारत |
| मृत्यु | साँचा:br separated entries |
| शैलियां | भारतीय शास्त्रीय संगीत |
| गायक एवं संगीतकार | |
| वाद्ययंत्र | Vocal |
सुधीर फडके (25 जुलाई 1919 - 29 जुलाई 2002) ख्यातलब्ध मराठी एवं हिन्दी संगीतकार तथा गायक थे। वे मराठी फिल्मों एवं मराठी सुगम संगीत के प्रतीक थे और पाँच दशकों तक इस क्षेत्र में छाए रहे। मराठी के अतिरिक्त उन्होने हिन्दी फिल्मों के लिए भी संगीत रचना की। वे 'बाबूजी' के नाम से प्रसिद्ध थे। शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों की संगीत संरचना में वे सिद्धहस्त थे। 1961 में आई फिल्म 'भाभी की चूड़ियाँ' में दिया गया उनका संगीत अत्यन्त लोकप्रिय हुआ।
लोकप्रिय गीत
- ज्योति कलश छलके। (भाभी की चूड़ियाँ)