नारायण आप्टे
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| नारायण आप्टे | |
|---|---|
![]() नारायण आप्टे | |
| जन्म |
1911 |
| मृत्यु |
साँचा:death date and age अम्बाला जेल, पूर्वी पंजाब, भारत (अब हरियाणा में) |
| मृत्यु का कारण | फाँसी |
| राष्ट्रीयता | Indian |
| प्रसिद्धि कारण | महात्मा गांधी की हत्या |
नारायण दत्तात्रय आप्टे (१९११ - १९४९) हिन्दू महासभा के एक कार्यकर्ता थे।ब्राह्मण परिवार से थे।साँचा:cn इन्हें गांधी-हत्या के मामले में नाथूराम गोडसे के साथ फाँसी दे दी गयी थी।
अदालत में जब गांधी-हत्या का अभियोग चला तो मदनलाल पाहवा ने उसमें स्वीकार किया कि जो भी लोग इस षड्यंत्र में शामिल थे, पूर्व योजनानुसार उसे केवभा में गडबडी फैलाने का काम करना था, शेष कार्य अन्य लोगों के जिम्मे था। जब उसे छोटूराम ने जाने से रोका तो उसने जैसे भी उससे बन पाया अपना काम कर दिया। उस दिन की योजना भले ही असफल हो गयी हो परन्तु इस बात की जानकारी तो सरकार को हो ही गयी थी कि गान्धी की हत्या कभी भी कोई कर सकता है फिर उनकी सुरक्षा की चिन्ता आखिरकार किन्हें करनी चाहिये थी?
सन्दर्भ
- Manohar Malgaonkar, The Men Who Killed Gandhi, Madras, Macmillan India (1978) ISBN 0-333-18228-6
- गोपाल गोडसे गान्धी वध क्यों? सूर्यभारती प्रकाशन, नई सडक, दिल्ली ११०००६ भारत

