तारिक़ जमील
| मौलाना तारिक़ जमील | |
|---|---|
| जन्म |
तारिक़ जमील 01 अक्टूबर 1953 मियां चुन्नू खानेवाल पंजाब पाकिस्तान |
| आवास | तुलम्बह चुन्नू मियां पंजाब पाकिस्तान |
| राष्ट्रीयता | पाकिस्तानी |
| अन्य नाम | मौलाना तारिक़ जमील साहब |
| जातीयता | मुस्लिम राजपूत |
| नागरिकता | पाकिस्तानी |
| शिक्षा | मदरसा इस्लामिया हथौड़ा बांदा उत्तर प्रदेश भारत |
| शिक्षा प्राप्त की | जामिया अरबिया ( लाहौर पाकिस्तान |
| व्यवसाय | इस्लाह लेक्चर |
| गृह स्थान | पंजाब पाकिस्तान |
| पदवी | इस्लामिक विद्वान |
| ऊंचाई | 5 फुट 6 इंच |
| भार | 64 किलो |
| प्रसिद्धि कारण | इस्लामिक विद्वान इस्लाह लेक्चर |
| राजनैतिक पार्टी | तबलीग़ी जमात |
| धार्मिक मान्यता | सुन्नी देवबन्दी मुस्लिम |
| बच्चे |
मौलाना यूसुफ जमील (लड़का) असिम जमील (लड़का) |
| पुरस्कार | 100 सबसे मुस्लिम में शामिल हैं |
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वेबसाइट www | |
मौलाना तारिक़ जमील एक पाकिस्तानी प्रचारक, देओबंदी विद्वान और आलम-ए-दीन (धर्मगुरू) हैं। उनका संबंध खानेवाल, पंजाब के शहर तलमबा से है जो मियाँ चुनूँ के निकट है। वे तबलीग़ी जमात (इस्लामी प्रचार सभा) के सदस्य हैं और फ़ैसलाबाद, पाकिस्तान में एक मदरसा चलाते हैं। उनके प्रचार के कारण से कई गायक, अभिनेता और खिलाड़ी इस्लाम की ओर आकर्षित हुए। इसके के अतिरिक्त उनके भाषणों में प्रत्येक विचारधारा का मान लिया जाता है।[१]
परिचय
मौलाना तारिक़ जमील का संबंध एक ज़मींदार घराने से है और उनका जन्म को खानेवाल ज़िला के मियाँ चुन्नूँ क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद लाहौर किंग एडवर्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी में एम०बी०बी०एस के लिए दाख़िल लिया। उनकी शिक्षा के दौरान वे तब्लीग़ी जमात से परिचित हुए और फिर इस से प्रभावित होकर धार्मिक शिक्षा की प्राप्ति हेतु अरबिया राय विंड विश्वविद्यालय में दाख़िला लिया।
मौलाना तारिक़ जमील अपनी बयान की शैली हेतु सुप्रसिद्ध हैं। उन्होंने तब्लीग़ी जमात के साथ 6 महाद्वीपों की यात्रा की थी। इसके अतिरिक्त उनके बयानात अंतरजाल के विभिन्न जालस्थलों पर प्रस्तुत किए गए हैं।