ज्योति प्रकाश निराला
| कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला अशोक चक्र | |
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| सेवा/शाखा | साँचा:air force |
| सेवा वर्ष | 2005–2017 |
| उपाधि |
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| सेवा संख्यांक | 918203 |
| दस्ता |
राष्ट्रीय राइफल्स (deputed) गरुड़ कमांडो फाॅर्स |
| सम्मान |
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कॉरपोरल ज्योति प्रकाश निराला (१५ नवंबर १९८६ - १८ नवंबर २०१७) मरणोपरांत शांति काल के सर्वोच्च सैन्य सम्मान, अशोक चक्र के प्राप्तकर्ता थे। वह भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो फोर्स के सदस्य थे। भारतीय वायु सेना की ओर से सुहास बिस्वास और राकेश शर्मा के बाद इस सम्मान को प्राप्त करने वाले वह तीसरे व्यक्ति थे।[१][२][३]
व्यक्तिगत जीवन
निराला का जन्म १५ नवंबर १९८६ को बिहार के रोहतास जिले के बादिलडिह गांव में तेजनारायण सिंह तथा मालती देवी के घर हुआ था। उनकी चार बहनें भी थी। २०१० में उनकी शादी औरंगाबाद की सुषमा नंद से हुई थी। वह अपनी पत्नी और पुत्री जिज्ञासा के साथ चण्डीगढ़ में रहते थे।
सैन्य जीवन
२००५ में ज्योति प्रकाश वायुसेना में भर्ती हुए थे।[४] उनकी इकाई को १३ राष्ट्रीय राइफल्स के लिए नियुक्त किया गया था, और ऑपरेशन रक्षक के तहत वह जम्मू और कश्मीर में तैनात थे। १८ नवंबर २०१७ को सर्च ऑपरेशन के दौरान चंद्रगढ़ गांव में जवानों ने एक घर को घेर लिया। तभी उसमें छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी।[५] निराला के पास एक लाइट मशीनगन थी। एनकाउंटर के दौरान गोली लगने के बावजूद उन्होंने दो आतंकवादियों को मार गिराया था। इस एनकाउंटर में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कुल ६ आतंकवादी मारे गए थे।
सम्मान
२६ जनवरी २०१६ को भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।[६][७] इसके अतिरिक्त उनके पैतृक गांव बदिलाडीह के समीप एक स्मृतिद्वार तथा गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा भी लगाई गयी है।[८]
सन्दर्भ
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