जावेद करीम
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| जावेद करीम | |
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चित्र:Jawed Karim 2008.jpg जावेद करीम 2008 में | |
| जन्म |
28 October 1979 मर्सबर्ग, पूर्व जर्मनी |
| प्रसिद्धि कारण | यू-ट्यूब के सहसंस्थापक |
जावेद करीम जर्मन-अमेरिकी इंटरनेट उद्यमी हैं। इनका जन्म 28 अक्टूबर 1979 को मर्सबर्ग, जर्मनी में हुआ था। यह यू-ट्यूब के सहसंस्थापक के रूप में जाने जाते हैं। यह यू-ट्यूब पर वीडियो डालने वाले पहले प्रयोक्ता भी हैं। यह पेपल के लिए कई तरह के औज़ार बना चुके हैं।
प्रारंभिक जीवन
करीम का जन्म मर्सबर्ग, पूर्व जर्मनी में हुआ था। लेकिन 1981 में वह जर्मनी की सीमा को पार करते हुआ सारा परिवार नेऊस्स, पश्चिम जर्मनी में आ गया। उसके बाद केन्द्रीय उच्च विद्यालय, मिनेसोटा में पढ़ाई करने के बाद यह ल्लिनोइस विश्वविद्यालय में पढ़ने गए। जहां यह कम्प्यूटर विज्ञान में शिक्षा अर्जित कर वहाँ से पेपल के एक कर्मचारी बन गए। साथ ही वह अपने पढ़ाई भी पूरी करने लगे। उसके बाद वह स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी कर निकल गए।
कार्य
पेपल में कार्य करते हुए वह चेड हरले और स्टेव चेन से मिले। वह तीनों बाद में 2005 को यूट्यूब के संस्थापक बन जाते हैं। यू-ट्यूब का पहल वीडियो करीम द्वारा 23 अप्रैल 2005 को डाला जाता है। उस वीडियो का नाम "मी एट द ज़ू" रखा था। यह उसी दिन डाला जाता है जब करीम ने अपना खाता बनाया था।[१]
इस कंपनी के स्थापना और यूट्यूब के निर्माण के बाद वह और चेड हरले व स्टेव चेन सभी अपनी पढ़ाई पूरी कर के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से निकल जाते हैं। उसके बाद यूट्यूब को गूगल खरीद लेता है। करीम और अन्य उसके बाद एक दिशा निर्देशक के रूप में यूट्यूब में कार्य करते हैं। करीम को इसके लिए गूगल के स्टॉक का 1,37,443 भाग मिलता है। यह लगभग $64 मिलियन (₹3,25 करोड़ रुपये) की कीमत होती है। यह कीमत उस समय गूगल के स्टॉक उस समय का बन्द होने वाला मूल्य के अनुसार है।[२]
उसके बाद मार्च 2008 में करीम ने उद्यम निधि को बनाया, जो वर्तमान में या पूर्व में विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी को सहायता कर उसके व्यापार के विचार को बनाना था।[३]
गूगल+ पर प्रतिक्रिया
6 नवंबर 2013 को गूगल ने किसी भी यूट्यूब में टिप्पणी के लिए केवल गूगल+ के खाते को अनिवार्य कर दीया था। इस तरह के जबर्दस्ती गूगल+ उपयोग करने के फैसले का लगभग सभी यूट्यूब समुदाय के लोगों ने विरोध किया। इसके विरोध में 2,40,000 लोगों ने हस्ताक्षर कर इसका विरोध किया।[४]
यूट्यूब पर टिप्पणी करने के लिए गूगल+ को अनिवार्य करने पर प्रतिक्रिया में करीम ने अपने यूट्यूब खाते पर लिखा की मुझे यूट्यूब पर वीडियो में टिप्पणी लिखने के लिए गूगल+ की क्या आवश्यकता है। उसके बाद उसके डाले गए वीडियो का विवरण बदल कर "में चिड़िया घर में हूँ" कर दिया। और लिखा कि अब में यहाँ कभी टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि मुझे गूगल+ खाता नहीं चाहिए। यूट्यूब समुदाय के नाराजगी के चलते, गूगल ने सार्वजनिक रूप से इस पर माफी मांगी। गूगल+ प्रयोक्ता को उसके वास्तविक नाम हेतु जबर्दस्ती करता था। इस कारण यह यूट्यूब प्रयोक्ता के मध्य प्रसिद्ध नहीं हो पाया। उसके बाद गूगल ने अपने सभी उत्पादों में गूगल+ की अनिवार्यता को हटा दिया।[५]
सन्दर्भ
- ↑ स्क्रिप्ट त्रुटि: "citation/CS1" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।
- ↑ New York Times: YouTube’s Payoff: Hundreds of Millionders स्क्रिप्ट त्रुटि: "webarchive" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।, दि न्यू यॉर्क टाइम्स, February 7, 2007.
- ↑ साँचा:cite web
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