गुलमर्ग

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
साँचा:if empty
Gulmarg
گلمرگ
{{{type}}}
गुलमर्ग का दृश्य
गुलमर्ग का दृश्य
साँचा:location map
निर्देशांक: साँचा:coord
ज़िलाबारामूला ज़िला
प्रान्तजम्मू और कश्मीर
देशसाँचा:flag/core
जनसंख्या (2011)
 • कुल१,९६५
 • घनत्वसाँचा:infobox settlement/densdisp
भाषा
 • प्रचलितकश्मीरी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
पिनकोड193403

साँचा:template other

गुलमर्ग (Gulmarg) भारत के जम्‍मू और कश्‍मीर केन्द्रशासित प्रदेश का एक हिल स्‍टेशन है। इसका मूल नाम गौरीमर्ग (Gaurimarg) हुआ करता था, जिसे 16वीं शताब्दी में युसुफ शाह चक ने बदलकर गुलमर्ग कर दिया।[१][२][३] इसकी सुंदरता के कारण इसे धरती का स्‍वर्ग भी कहा जाता है। यह देश के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों में से एक हैं। फूलों के प्रदेश के नाम से मशहूर यह स्‍थान बारामूला ज़िले में स्थित है। यहाँ के हरे भरे ढलान सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। समुद्र तल से 2730 मी. की ऊँचाई पर बसे गुलमर्ग में सर्दी के मौसम के दौरान यहाँ बड़ी संख्‍या में पर्यटक आते हैं।[४][५][६][७]

इतिहास

गुलमर्ग की स्‍थापना अंग्रेजों ने 1927 में अपने शासनकाल के दौरान की थी। गुलमर्ग का असली नाम गौरीमर्ग था जो यहाँ के चरवाहों ने इसे दिया था। 16वीं शताब्‍दी में सुल्‍तान युसुफ शाह ने इसका नाम गुलमर्ग रखा। आज यह सिर्फ पहाड़ों का शहर नहीं है, बल्कि यहाँ विश्‍व का सबसे बड़ा गोल्‍फ कोर्स और देश का प्रमुख स्‍की रिज़ाॅर्ट है।

पर्यटन

गोल्‍फ कोर्स

गुलमर्ग के गोल्‍फ कोर्स विश्‍व के सबसे बड़े और हरे भरे गोल्‍फ कोर्स में से एक है। अंग्रेज यहां अपनी छुट्टियाँ बिताने आते थे। उन्‍होंने ही गोल्‍फ के शौकीनों के लिए 1904 में इन गोल्‍फ कोर्स की स्‍थापना की थी। वर्तमान में इसकी देख रेख जम्‍मू और कश्‍मीर पर्यटन विकास प्राधिकरण करता है।

स्‍कींग

चित्र:Gulmarg.JPG
गुलमर्ग का हिमाच्छादित नज़ारा

स्‍कींग में रुचि रखने वालों के लिए गुलमर्ग देश का ही नहीं बल्कि इसकी गिनती विश्‍व के सर्वोत्तम स्‍कींग रिजॉर्ट में की जाती है। दिसंबर में बर्फ गिरने के बाद यहाँ बड़ी संख्‍या में पर्यटक स्‍कींग करने आते हैं। यहाँ स्‍कींग करने के लिए ढ़लानों पर स्‍कींग करने का अनुभव होना चाहिए। जो लोग स्‍कींग सीखना शुरु कर रहे हैं, उनके लिए भी यह सही जगह है। यहां स्‍कींग की सभी सुविधाएं और अच्‍छे प्रशिक्षक भी मौजूद हैं।

खिलनमर्ग

खिलनमर्ग गुलमर्ग के आंचल में बसी एक खूबसूरत घाटी है। यहां के हरे मैदानों में जंगली फूलों का सौंदर्य देखते ही बनता है। खिलनमर्ग से बर्फ से ढ़के हिमालय और कश्‍मीर घाटी का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है।

अलपाथर झील

चीड़ और देवदार के पेड़ों से घिरी यह झील अफरवात चोटी के नीचे स्थित है। इस खूबसूरत झील का पानी मध्‍य जून तक बर्फ की बना रहता है।

निंगली नल्‍लाह

गुलमर्ग से आठ किमी दूर स्थित निंगली नल्‍लाह एक धारा है जो अफरात चोटी से पिघली बर्फ और अलपाथर झील के पानी से बनी है। यह सफेद धारा घाटी में गिरती है और अंतत: झेलम नदी में मिलती है। घाटी के साथ बहती यह धारा गुलमर्ग का एक प्रसिद्ध पिकनिक स्‍पॉट है।

आसपास दर्शनीय स्‍‍थल

श्रीनगर

साँचा:main

यह जम्‍मू कश्‍मीर की राजधानी है और यहाँ का सबसे बड़ा शहर है। समुद्र तल से 1730 मी. की ऊँचाई पर स्थित श्रीनगर नहर, हाउस बोट और मुगल गार्डन के लिए मशहूर है।

बाबा रेशी की दरगाह

यह मुसलमानों का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यह जियारत एक प्रसिद्ध मुस्लिम संत की याद में बनाई गई है जिनका इंतकाल 1480 में हुआ था। सन्‍यास लेने से पहले वे कश्‍मीर के राजा जिया-उल-अबिदीन के दरबारी थे। प्रतिवर्ष हजारों की संख्‍या में श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

कैसे पहुंचें

वायु मार्ग

नज़दीकी हवाई अड्डा श्रीनगर (56 किलोमीटर) देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्‍ली से यहाँ के लिए नियमित उड़ानें हैं।

रेल मार्ग

गुलमर्ग से निकटतम रेलवे स्‍टेशन जम्‍मू है जहाँ देश के विभिन्‍न भागों से ट्रेनें चलती हैं। अब निकटतम रेलवे स्टेशन श्रीनगर है जो जल्द ही जम्मू से जुड़ने के बाद देश बाकि शहरो से सीधा जुड़ जायेगा।

सड़क मार्ग

गुलमर्ग श्रीनगर से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। देश के अन्‍य भागों से श्रीनगर के लिए नियमित रूप से बसें चलती हैं।

इन्हें भी देखें

सन्दर्भ

  1. "Kashmir, Volume 1, Page 206, 1950, .. Twenty-eight miles to the west of Srinagar, at a height of 8,700 feet above sea level, is Gulmarg, which has the appearance of a balcony. Originally called 'Gauri Marg' (the path of Gauri - Siva's wife), and later on christened 'Gaulmarg' by King Yousuf Shah Chak of the Chak family (16th century A.D.) ..
  2. "Historical Geography of Kashmir: Based on Arabic and Persian Sources from A.D. 800 to 1900," S. Maqbul Ahmad and Raja Bano, Page 177, 1984, .. He says that it used to be called Gauri Marg of the Meadow of Gauri , wife of Shiva ..
  3. साँचा:cite web
  4. "Jammu, Kashmir, Ladakh: Ringside Views," Onkar Kachru and Shyam Kaul, Atlantic Publishers, 1998, ISBN 9788185495514
  5. "District Census Handbook, Jammu & Kashmir स्क्रिप्ट त्रुटि: "webarchive" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।," M. H. Kamili, Superintendent of Census Operations, Jammu and Kashmir, Government of India
  6. "Restoration of Panchayats in Jammu and Kashmir," Joya Roy (Editor), Institute of Social Sciences, New Delhi, India, 1999
  7. "Land Reforms in India: Computerisation of Land Records," Wajahat Habibullah and Manoj Ahuja (Editors), SAGE Publications, India, 2005, ISBN 9788132103493