खँजड़ी
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चित्र:Khaijadi Bhajan.ogv
नेपाल मैं प्रचलित खैंजडी भजन
खँजड़ी या खँजरी डफ के ढंग का एक छोटा वाद्य यंत्र जो दो ढाई इंच चौड़े काठ की बनी गोलाकार परिधि के एक ओर चमड़े से मढ़ा होता है। यह आम की लकड़ी की बनी होती है। उसकी दूसरी ओर खुला रहता है। इसे एक हाथ में पकड़कर दूसरे हाथ से थाप देकर बजाया जाता है। कुछ में लोग गोलाकार परिधि में धातु के बने चार-पाँच गोलाकार टुकड़े लगा लेते हैं जो झाँझ की तरह थाप के साथ स्वत: झंकार उठते हैं। इस वाद्य का प्रयोग मुख्यत: निर्गुणी भजन करने वाले करते है, जैसे कामङ, आदिनाथ, बलाई, भील, कालबेलिये आदि।