अबू उबैदाह इब्न अल-जर्राह

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अबू उबैदाह इब्न अल-जर्राह
Abu Ubaidah Ibn Al-Jarrah

बाल्का प्रांत, जार्डन में स्थित हजरत अबू उबैदाह का मजार
उपनाम अबू उबैदाह अमीन अल-उम्मा
जन्म साँचा:br separated entries
देहांत साँचा:br separated entries
निष्ठा Flag of Afghanistan pre-1901.svg रशीदुन खिलाफत
सेवा/शाखा Flag of Afghanistan pre-1901.svg रशीदुन सेना
सेवा वर्ष 634 - 639
उपाधि फील्ड कमांडर (632-634) कमांडर इन-चीफ (634-639)
नेतृत्व लेवंत गवर्नर (634-638)
युद्ध/झड़पें मुस्लिम-कुरैश युद्ध
रशीदुन खिलाफत की लेवेंट पर विजय

अबू उबैदाह इब्न अल-जर्राह; Abu Ubaidah Ibn Al-Jarrah: साँचा:lang-ar) ‏‎ इस्लामी पैंगबर हजरत मुहम्मद सहाब के सहाबाओ में से एक थे और खलीफा हजरत उमर के खिलाफत शासन काल में एक बड़े वर्ग के कमांडर थे तथा खलीफा हजरत उमर के उत्तराधिकारियो की सूची में भी थे।

प्रारंभिक जीवन

हजरत अबू उबैदाह इब्न अल-जर्राह का मकबरा

हजरत अबू उबैदाह का जन्म 583 ईस्वी में मक्का, अरब में हुआ था। इनके पिता अबू उबैदाह अब्दुल्लाह इब्न अल जर्राह पेशे से एक व्यापारी थे जो अरब के एक कुरैश कबीले से थे। हजरत अबू उबैदाह कुरैश कबीले के धनी व्यक्तियो में से एक थे जिस कारण अपनी शीलता और बहादुरी के लिए मक्का में कुरैश के बीच प्रसिद्ध थे अबू उबैदाह ने हजरत अबूबक्र सिद्दीक के इस्लाम स्वीकार करने के एक दिन बाद इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था।

सैन्य नेतृत्व

हजरत अबू उबैदाह ने लेवंत क्षेत्र में अधिक सैन्य नेतृत्व किया जिसमें रशीदुन सेना को महत्वपूर्ण सफलताएँ मिली जिसके लिए उन्हें 634 ईस्वी में लेंवत क्षेत्र का गवर्नर भी नियुक्त किया गया था जो 638 तक रहे गवर्नर के पद समाप्ति के एक वर्ष वाद 639 ईस्वी में मृत्यु हो गई थी।

सन्दर्भ