अखेनातेन

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
चित्र:Pharaoh Akhenaten.jpg
फारो अखेनातेन

फारो अखेनातेन (१३५१-१३३४ ईपू) मिस्र के १८वें वंश का था। उसने मिस्र के प्राचीन धर्म पर प्रतिबन्ध लगाया और केवल यकतापरस्तयानी एक खुदा जो आसमान ओर जमींनो का मालिक है की उपासना का आदेश दिया। अखेनातेन ने हजरत यूसुफ अ, स,पर ईमान लाया और एक ख़ुदा की परिस्थित की यूसुफ उनके नबिये खुदा थे {सुर्य की पूजा वाला यह गलत है } पाश्चात्य विद्वान विश्व का पहला एकेश्वरवादी मानते हैं। पहले इसका नाम अमेनहोतेप ४ था। पर नया धर्म चलाने के पश्चात इसने यह बदलकर अखेनातेन कर दिया।

चित्र:La salle dAkhenaton (1356-1340 av J.C.) (Musée du Caire) (2076972086).jpg
अखेनातेन और उसका परिवार सूर्य की पूजा करता हुआ

नेफरतिति उसकी पहली पत्नी थी। मित्तानी राजकुमारी तदुक्षिपा उसकी दूसरी रानी बनी। एक अवधारणा यह है कि इसका धार्मिक परिवर्तन तदुक्षिपा के आगम की भ्रमित समझ पर आधारित था। सुभाष काक के अनुसार उसके सूर्य स्तोत्र और ऋग्वेद के सूर्य सूक्तों में महत्त्वपूर्ण सादृश्य है।[१]

अखेनातेन का सूर्य स्तोत्र बाइबल के पूर्वविधान (Old Testament) में १०४वें स्तोत्र के रूप में मिलता है।

उसकी मृत्यु पशचात उसके नये धर्म दबाया गया। कुछ विद्वान समझते हैं[२] कि मूसा ने इसी के विचारों को दुबारा उठाना चाहा।


चित्र:Akhenaten, Nefertiti and their children.jpg
अखेनातेन, नेफरतिति और उनके बच्चे

अखेनातेन के उत्तराधिकारी

उसके राज के अन्त में स्मेन्खरे जो उसका अर्ध-भ्राता अथवा पुत्र था सहसम्राट बना। कुछ और देर में पुत्र तुथंखमुन सम्राट बना।

सन्दर्भ

  1. सुभाष काक, in The Golden Chain (ed. G.C. Pande), Delhi, 2005.
  2. S. Freud, Moses and Monotheism.

बाह्य कडियां

साँचा:commons