शरद आलोक
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| डॉ. सुरेशचन्द्र शुक्ल | |
|---|---|
| स्थानीय नाम | शरद आलोक |
| जन्म | साँचा:br separated entries |
| मृत्यु | साँचा:br separated entries |
| मृत्यु स्थान/समाधि | साँचा:br separated entries |
| व्यवसाय | हिन्दी कवि, उपन्यासकार, नाटककार, आदि |
| भाषा | हिन्दी |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| विधा | उपन्यास, कहानी, नाटक, कविता |
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डॉ. सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' हिन्दी के आधुनिक कवि हैं। इनका मूल नाम सुरेशचन्द्र शुक्ल है और इनका जन्म 10 फरवरी 1954, को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। ये हिन्दी के उपन्यास, कहानी, नाटक, कविता आदि लिखते हैं।[१]
मुख्य कृतियाँ'
कविता
- (हिंदी में):
- वेदना,
- रजनी,
- नंगे पांवों का सुख,
- दीप जो बुझते नहीं,
- संभावनाओं की तलाश,
- नीड़ में फंसे पंख,
- गंगा से ग्लोमा तक
- फ्रेममेदे फ्यूगलेर (नार्वेजीय में)
- मेल्लुम लिनयेने (नार्वेजीय में)
- सड़क पर देवदूत
- प्रवासी के अंतर्द्वंद्व
- लाॅकडाऊन
उपन्यास
- गंगा को वापसी
कहानी संग्रह
- तारूफी ख़त,
- अर्धरात्रि का सूरज,
- सरहदों के पार.
नाटक
- जागते रहो
- अंतर्मन के रास्ते
- अन्ततः
अनुवाद
- नार्वे की लोककथायें,
- एच सी अन्दर्ससन (डेनमार्क) की कथायें,
- गुड़िया का घर (हेनरिक इबसेन कृत नार्वेजीय नाटक)
- मुर्गाबी, समुद्र की औरत,
- भूख (क्नुत हामसुन कृत) : 'भूख' उपन्यास का हिंदी में मूल भाषा से अनुवाद किया।
संपादन : (संकलन)
- प्रतिनिधि प्रवासी कहानियां,
- नार्वे की उर्दू कहानियाँ
- संपादन
- (पत्र-पत्रिकायें)
- श्रमांचल,
- परिचय,
- वैश्विका,
- स्पाइल Speil-दर्पण और
- www.speil.no
सम्प्रति: पत्रकार
- आकेर्स आवेस ग्रूरुददालेन (नार्वेजीय भाषा का पत्र), ओस्लो, नार्वे.
- यूरोप सम्पादक, देशबंधु राष्ट्रीय दैनिक, नयी दिल्ली।
सम्मान
- प्रथम ओस्लो इंटरनेशनल पोएट्री फेस्टिवल, ओस्लो, नार्वे (1985)।
- नोर्डिक जर्नलिस्ट सेमिनार, ओरहूस डेनमार्क (1986)।
- चतुर्थ विश्व हिंदी सम्मलेन, मारीशस (1993).
- हिंदी संवाहक सम्मान, विश्व हिंदी समिति, न्यूयार्क, अमेरिका (1998).
- छठा विश्व हिंदी सम्मलेन, लन्दन, यू के (1999),
- अखिल भारतीय भवानी प्रसाद मिश्र काव्य सम्मान -2011 साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश द्वारा काव्यसंग्रह गंगा से ग्लोमा तक को दिया गया 9 फरवरी 2015 को.
- स्व. जगदीश गुप्त पुरस्कार, 3 अगस्त 2016, लखनऊ में उनकी जन्मतिथि पर लख्नऊ में.
- गौरव कल्हण स्मृति रत्न सम्मान, 28 अगस्त 2016 को श्रीनगर, कश्मीर में हिंदी कश्मीरी संगम द्वारा।
- 14 सितम्बर 2016 को सांस्कृतिक विभाग मध्य प्रदेश द्वारा निर्मल वर्मा पुरस्कार से सम्मानित।
- उत्तर प्रदेश प्रवासी रत्न सम्मान 4 जनवरी 2017 को , लखनऊ उत्तर प्रदेश में प्रदान किया गया.
- 8 फरवरी 2017 अमेठी, उत्तर प्रदेश में मधुर नारायण स्मृति सम्मान-2016 दिया गया.
- सेठ गोविंददास सम्मान, 14 सितम्बर 2017 को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर, मध्य प्रदेश में।