राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र
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| संक्षेपाक्षर | प्र॰प्रौ॰के॰ (RRCAT) |
|---|---|
| स्थापना | साँचा:if empty |
| उद्देश्य | नाभिकीय भौतिकी |
| मुख्यालय | इन्दौर, मध्य प्रदेश |
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| साँचा:longitem क्षेत्र | साँचा:if empty |
| साँचा:longitem | परमाणु ऊर्जा विभाग |
| साँचा:longitem | साँचा:if empty |
| जालस्थल |
www |
| साँचा:longitem | साँचा:if empty |
राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र (RRCAT) मध्य प्रदेश के इन्दौर के बाहरी हिस्से में सुखनिवास गांव के पास स्थित है। यह भारत सरकार के परमाणु उर्जा विभाग के अन्तरगत स्थापित एक अनुसंधान एवं विकास केन्द्र है। इसकी स्थापना १९८५ में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने की थी।
यहाँ पर मुख्यतः दो क्षेत्रों में कार्य होता है - कणों के त्वरक (particle accelerator) तथा लेजर (LASER)। इस समय इण्डस्-१ व इन्डस्-२ नामक दो इलेक्ट्रान त्वरक यहां काम कर रहे हैं। इनसे निकलने वाले विकिरण का नाम सिंक्रोट्रान् रेडिएशन (Synchrotron radiation) है जिसका उपयोग अनेक क्षेत्रों में होता है। इसके अतिरिक्त यहां पर औद्योगिक व मेडिकल त्वरक बनाने का कार्य भी हांथ में लिया गया है।
इन्हें भी देखें
- इन्डस्-२ -- 2.5 GeV, 200 mA का भारतीय सिन्क्रोट्रॉन प्रकाश स्रोत
- सिंक्रोट्रॉन
- कण त्वरक