भारत छोड़ो भाषण

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बंगलौर में जुलूस का दृश्य

भारत छोड़ो भाषण 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन छेड़ते समय महात्मा गांधी द्वारा दिया गया भाषण है। इसी भाषण में उन्होंने भारतीयों से दृढ़ निश्चय के लिए आह्वान करते हुए 'करो या मरो' का नारा दिया। उनका भाषण बॉम्बे (अब मुंबई) के गोवालिया टैंक मैदान पार्क में दिया गया था, जिसका नाम बदलकर अब 'अगस्त क्रांति मैदान' रखा दिया गया है। हालाँकि, सरकार ने कांग्रेस के लगभग सभी शीर्ष नेताओं (राष्ट्रीय स्तर के नेताओँ के अलावा औरों को भी) को गांधी के भाषण देने के चौबीस घंटे से अंदर गिरफ़्तार कर उन्हें जेल में डाल दिया। अन्य बहुतेरे कांग्रेस नेताओं समूचे द्वितीय विश्वयुद्ध जेल में ही रखा गया। गांधी ने यह भाषण भारत को आजादी दिलाने में मदद करने के लिए किया था।

गांधीजी ने यह भाषण दो भाषाओं में दिया। पहले उन्होंने हिन्दी में भाषण आरम्भ किया और अन्त में उसको संक्षेप में अंग्रेजी में भी कह दिया।

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संदर्भ