प्रतिन्यूट्रॉन

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प्रतिन्यूट्रॉन
Quark structure antineutron.svg
प्रतिन्यूट्रॉन की क्वार्क संरचना
वर्गीकरणप्रतिबेरिऑन
संघटन1 अप प्रतिक्वार्क, 2 डाउन प्रतिक्वार्क
सांख्यिकीफर्मिऑन
अन्योन्य क्रियाप्रबल, दुर्बल, गुरुत्व, विद्युतचुम्बकत्व
स्थितिज्ञात
प्रतिकसाँचा:overline
कणन्यूट्रॉन
आविष्कारब्रूस कॉर्क (1956)
द्रव्यमानसाँचा:val
विद्युत आवेश0
चुम्बकीय आघुर्णसाँचा:val
प्रचक्रणसाँचा:frac
समभारिक प्रचक्रणसाँचा:frac

साँचा:template other

परिशून्यन
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प्रतिन्यूट्रॉन (Antineutron) न्यूट्रॉन का प्रतिकण है जिसका प्रतीक साँचा:overline है। यह न्यूट्रॉन से केवल कुछ ही गुणों में मान समान एवं विपरित चिह्न के साथ रखता है। इसका द्रव्यमान न्यूट्रॉन के समान है और आवेश शून्य होने के कारण यह भी उदासीन होता है लेकिन बेरिऑन संख्या (न्यूट्रॉन के लिए +1, प्रतिन्यूट्रॉन के लिए −1) विपरीत होती है। इसका कारण प्रतिन्यूट्रॉन का प्रतिक्वार्क कणों से मिलकर बना होना है। विशेष रूप से यह एक अप प्रतिक्वार्क और दो डाउन प्रतिक्वार्कों से मिलकर बना कण है।

चूँकि प्रतिनूट्रॉन विद्युतीय अनावेशित कण है, अतः इसे सीधे ही प्रेक्षित करना मुश्किल है। इसे प्रेक्षित करने के लिए इसका साधारण द्रव्य के साथ परिशून्यन करवाकर प्रेक्षित किया जाता है। सैद्धान्तिक भौतिकी के अनुसार एक प्रतिन्यूट्रॉन का क्षय प्रतिप्रोटोन, पोजीट्रॉन और न्यूट्रिनो में होता है जो मुक्त न्यूट्रॉन के बीटा क्षय के समान है। कुछ सैद्धान्तिक मतो के अनुसार न्यूट्रॉन-प्रतिन्यूट्रॉन दोलन भी पाये जते हैं जो केवल तब ही सम्भव है जब एक अज्ञात भौतिक प्रक्रिया (जिसका अभी तक आविष्कार नहीं हुआ और किसी भी प्रयोग में पायी नहीं गयी है) घटित हो जिसमें बेरिऑन संख्या संरक्षण के नियम का उल्लंघन हो।[१][२][३]

प्रतिन्यूट्रॉन का आविष्कार प्रतिप्रोटोन की खोज के एक वर्ष बाद 1956 में ब्रूस कॉर्क ने बेवाट्रॉन (लावरेंस बर्कले नेशनल लेबोरेट्री) में प्रोटॉन=प्रोटॉन टक्कर में की।

चुम्बकीय आघूर्ण

प्रतिन्यूट्रॉन का चुम्बकीय आघूर्ण न्यूट्रॉन के चुम्बकीय आघूर्ण के विपरीत होता है।[४] इसका मान प्रतिन्यूट्रॉन के लिए साँचा:val लेकिन न्यूट्रॉन के लिए साँचा:val (प्रचक्रण की दिशा में) होता है। यहाँ µN नाभिकीय मैग्नेटॉन है।

सन्दर्भ

बाहरी कड़ियाँ