पार्ले-जी

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पार्ले ग्लूकोज बिस्कुट

पार्ले प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित पार्ले-जी या पार्ले ग्लूकोज बिस्कुट भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय बिस्कुटों में से एक है।[१][२] पार्ले-जी सबसे पुराने ब्रांड नामों में से एक होने के साथ-साथ भारत में सर्वाधिक बिक्री वाला बिस्कुट ब्रांड भी हैं। 30 जुलाई 2016 को इसकी फैक्ट्री को बंद कर दिया गया l दशकों तक इस उत्पाद का मोम के कागज (वैक्स पेपर) से निर्मित सफ़ेद और पीले रंग का अति लोकप्रिय रैपर इसकी पहचान बना रहा जिस पर एक छोटी लड़की को दिखाया गया था। नकली कंपनियां लगभग समान पैकेज डिजाइन और समान नामों किन्तु निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों को बेचने का प्रयास करती रही हैं।[३]

कंपनी का नारा है, जी का मतलब जीनियस (प्रतिभाशाली) ."पार्ले-जी" नाम को उपनगरीय रेल स्टेशन विले पार्ले से लिया गया है जो स्वयं पार्ले नामक पुराने गांव पर आधारित है (उसके निकट में इर्ले नामक एक क्षेत्र भी है जहां पार्ले एग्रो उत्पादन कारखाना आधारित है). पार्ले के पार्ले जी के अलावा क्रेक-ज्रेक, मेनीको ओर पार्ले मेजीक भी बाजार में उपल्बध है.[३]

पार्ले-जी विश्व में सर्वाधिक बिक्री वाला बिस्कुट है। भारत के ग्लूकोज बिस्कुट श्रेणी के 70% बाजार पर इसका कब्जा है, इसके बाद नंबर आता है ब्रिटानिया के टाइगर (17-18%) और आईटीसी के सनफीस्ट (8-9%) का. इस ब्रांड की अनुमानित कीमत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है और कंपनी के कुल कारोबार में इसका 50 प्रतिशत से अधिक का योगदान है (पार्ले प्रोडक्ट्स एक असूचीगत कंपनी है और इसके अधिकारीगण इसके सही आंकड़ों का खुलासा करने से बचते रहते हैं। पिछले वित्त वर्ष में पार्ले की कुल बिक्री 3,500 करोड़ रुपये थी। यह दुनिया भर में भी लोकप्रिय है और पश्चिमी यूरोप तथा अमेरिका में भी इसकी बिक्री शुरू हो चुकी है।

इतिहास

1929 में भारत जब ब्रिटिश शासन के अधीन था, पार्ले प्रोडक्ट्स नामक एक छोटी कंपनी अस्तित्व में आई. मुंबई के उपनगर विले पार्ले में मिठाइयों तथा टॉफियों (जैसे कि मेलोडी, कच्चा मैंगो बाईट आदि) के उत्पादन के लिए एक छोटे कारखाने को स्थापित किया गया। 1929 मध्ये जेव्हा भारत ब्रिटिशांच्या राजवटीत होता, तेव्हा पारले प्रॉडक्ट नावाची एक छोटी कंपनी अस्तित्वात आली. मुंबईउपनगरात मिठाई आणि टोफी (जसे की स्वर, कॅरी आंबा, पार्ले (पूर्व) मध्ये) लहान कारखाना उभारणे. एक दशक बाद वहां बिस्कुट का उत्पादन भी शुरू कर दिया गया। दशक भरा पूर्वी बिस्किटेचे उत्पादनही सुरू झाले. उसके बाद से बढ़कर यह भारत की सबसे बड़ी खाद्य उत्पाद कंपनियों से एक हो गयी थी। त्यानंतर, हे भारतातील सर्वात मोठे अन्नधान्य उत्पादक कंपन्यांपैकी एक बनले. 30 जुलाई 2016 को इस कम्पनी को बंद कर दिया गया।[४] 1982 वो साल था जब पार्ले ग्लुको का नाम बदलकर उसका नाम पार्ले जी कर दिया गया |

पार्ले जी गर्ल -

पहले इसके कवर पर गाय और ग्वालन बनी होता थीं लेकिन बाद के दशक में उस ग्वालन को इस प्यारी सी बच्ची ने रिप्लेस कर दिया | इसके रैपर का कलर शुरू से ही सफेद और पीला रहा है. लेकिन इसके ऊपर दिखने वाली बच्ची को लेकर बहुत बार बहस हो चुकी है. नीरू देशपांडे, सुधा मूर्ति  और गुंजन गंडानिया नाम की तीन महिलाओं के इस बच्ची होने का दावा किया जाता रहा है. लेकिन मीडिया में नीरू देशपांडे को ही ये बच्ची माना गया है, हालांकि नीरू देशपांडे अब 62 साल की उम्रदराज़ महिला हो चुकी हैं|[५]

भारत से बाहर उपलब्धता

भारत से बाहर पार्ले-जी यूरोप, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, आदि में भी उपलब्ध था। कनाडा में जेह्र्स (Zehrs), फ़ूड बेसिक्स, लोब्लौज़ आदि द्वारा इसके 418 ग्राम के पैक को मात्र 99 सेंट में बेचा जाता था।[६]

सन्दर्भ

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बाहरी कड़ियाँ

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