पश्चिम यरुशलम

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1948 व 1967 के मध्य यरुशलम का नगरीय निकाय क्षेत्र

पश्चिम यरुशलम या पश्चिमी यरुशलम यरुशलम नगर का एक भाग है जिसपर अरब-इजराइल युद्ध (१९४८) के बाद इजराइल का नियंत्रण स्थापित हो गया। नगर का यह हिस्सा युद्ध विराम रेखा द्वारा शेष नगर से विभाजित होता है, जो कि उस समय जॉर्डन के नियंत्रण में था।[१] बहुत से पश्चिमी देश जैसे यूनाइटेड किंगडम तथा संयुक्त राज्य अमेरिका इसे सैद्धांतिक तौर पर इस भाग को इजराइल का हिस्सा मानते हैं, परन्तु उन्होंने ने इसे अब तक क़ानूनी तौर पर मान्यता नहीं दी है।[२][३][४] इजराइल का पश्चिमी यरुशलम पर दावा पूर्वी यरुशलम के मुकाबले अधिक सशक्त है।[५]

इतिहास

1949 का विभाजन

संयुक्त राष्ट्र के फिलिस्तीन विभाजन प्रस्ताव के तहत यरुशलम को एक अंतर्राष्ट्रीय नगर घोषित कर दिया गया।[६]

१९४८ फिलिस्तीन युद्ध के पश्चात यरुशलम नगर दो भागों में विभाजित हो गया: इसका पश्चिमी भाग, जो कि मुख्यतः यहूदी बहुल था, इजराइल के नियंत्रण में तथा पूर्वी भाग, जो कि मुस्लिम और इसाई जनसंख्या वाला क्षेत्र था, जॉर्डन के नियंत्रण में आ गया।[१][७]

बहुत से अरबी जो पश्चिमी यरुशलम के आसपास के इलाकों जैसे कातामोन और मल्हा में रहते थे उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया गया। ठीक यही परिस्थिति पूर्वी हिस्से में रहने वाले यहूदियों को झेलनी पड़ी, जो कि पुराने शहर और सिलवान के इलाकों में रहते थे। जनमत संग्रह से पूर्व के काल में पश्चिमी हिस्से की 33% भूमि पर फिलिस्तीनियों का स्वामित्व था; इसी आधार पर फिलिस्तीनी पश्चिमी भाग पर इजराइल के नियंत्रण का विरोध कर रहे थे। कनेसेट (इजरायली संसद) ने कानून पारित करके अरबी लोगो की भूमियों को यहूदियों को स्थानांतरित कर दिया।[३]

इजराइल की राजधानी

इजराइल ने पश्चिम यरुशलम को 1950 में अपनी राजधानी घोषित कर दिया। इजराइल ने इस हिस्से में रोजगार सृजन, नये सरकारी दफ्तर बनवाने, एक नया विश्वविद्यालय खोलने, महान सिनेगॉग तथा कनेसेट भवन बनवाने हेतु बड़ी राशि निवेश की।[७]

पुनः एकीकरण

जून 1967 में, छः दिन के युद्ध के दौरान इजराइल ने शहर के पूर्वी भाग तथा पूरे वेस्ट बैंक पर कब्ज़ा कर लिया।[८] हालाँकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इसे मान्यता नहीं दी। कुछ सालों बाद इजराइल का इन हिस्सों पर नियंत्रण कम होने लगा, साथ ही स्वयं इसरायली ही इन हिस्सों में अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे।[८]

1980 में इजराइल ने पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से मिलाकर यरुशलम का एकीकरण कर दिया परन्तु अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इसे विवादित माना।[१] इसके बाद भी नगर की आबादी पश्चिमी और पूर्वी हिस्से में विभाजित ही रहीं।[९]

सन्दर्भ

  1. साँचा:cite web
  2. जे॰ जे॰ गोल्डबर्ग,'Was Benjamin Netanyahu’s Meeting With Donald Trump Another Case of Electoral Meddling?,' स्क्रिप्ट त्रुटि: "webarchive" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है। द फॉरवर्ड 26 सितम्बर 2016:'the United States has never recognized Israel’s sovereignty over West Jerusalem.'
  3. साँचा:cite book
  4. साँचा:cite book
  5. साँचा:cite book
  6. साँचा:cite news
  7. साँचा:cite book
  8. साँचा:cite book
  9. साँचा:cite journal