कायथा
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| साँचा:if empty | |
|---|---|
| गाँव | |
| साँचा:location map | |
| निर्देशांक: साँचा:coord | |
| देश | भारत |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| जिला | उज्जैन |
| तहसील | तराना |
| ऊँचाई | साँचा:infobox settlement/lengthdisp |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | ८,०४० |
| • घनत्व | साँचा:infobox settlement/densdisp |
| समय मण्डल | IST (यूटीसी+5:30) |
| आई॰एस॰ओ॰ ३१६६ कोड | MP-IN |
| Census code | 471803 |
कायथा मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना तहसील का एक गाँव एवं पुरास्थल है। यह उज्जैन से लगभग २५ किमी पूर्व दिशा में चम्बल नदी की सहायक नदी काली सिन्ध के दाहिने तट पर काली मिट्टी के मैदान में स्थित है। कायथा पुरास्थल की खोज का श्रेय विष्णु श्रीधर वाकणकर को जाता है, जिन्होंने इस पुरास्थल को सन् 1964 ई. में खोज निकाला था। कायथा के टीले पर ताम्रपाषाण युग से लेकर गुहाकाल तक के स्तर मिले हैं।
कायथा को प्राचीन 'कपित्थक' माना जाता है, जिसका उल्लेख प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य वराहमिहिर ने अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ 'बृहज्जातक' में अपने जन्मस्थान के रूप में किया है। आजकल कायथा के टीले के अधिकतर भाग पर बस्ती बसी हुई है, इस कारण बहुत कम स्थान उत्खनन के लिए उपलब्ध हो पाता है।