ऊर्जा भण्डारण

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
The printable version is no longer supported and may have rendering errors. Please update your browser bookmarks and please use the default browser print function instead.
बाँध बनाकर वर्षा-जल को ऊंचे स्थान पर ही रोक लिया जाता है।इस जल की स्थितिज ऊर्जा को गतिज ऊर्जा में और फिर विद्युत ऊर्जा में बदलकर सूदूर स्थानों पर प्रेषित कर दिया जाता है।

किसी प्रकार की ऊर्जा को भविष्य में उपयोग करने के उद्देश्य से संचित करना ऊर्जा भण्डारण (Energy storage) कहलाता है। ऊर्जा को संचित करने वाली युक्तियों को ऊर्जा संचायक (accumulator) कहते हैं। ऊर्जा विविध रूपों में रह सकती है, जैसे विकिरण, रासायनिक ऊर्जा, गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा, वैद्युत स्थितिज ऊर्जा, वैद्युत ऊर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा (अधिक ताप पर किसी वस्तु को रखना), गुप्त ऊष्मा तथा गतिज ऊर्जा। कुछ प्रकार की ऊर्जाओं को भण्डारित करना अपेक्षाकृत सरल तथा कम खर्चीला कार्य है जबकि अन्य को भण्डारित करना अपेक्षाकृत कठिन। इसलिये ऊर्जा भण्डारण के लिये ऊर्जा को उस रूप में बदल लिया जाता है जिसमें भण्डारित करना आसान हो और जिससे आसानी से दूसरे रूप में ऊर्जा को परिवर्तित किया जा सके। भारी मात्रा में ऊर्जा के भण्डारण के लिये पम्पित जल (pumped hydro) सबसे उपयुक्त है। इसी लिये विश्व की सम्पूर्ण संचित ऊर्जा का ९९% ऊर्जा इसी रूप में संचित की जाती है। कुछ प्रकार की ऊर्जा भण्डारण कम समय के लिये ही सम्भव होता है जबकि कुछ प्रकार के ऊर्जा भण्डारण उसकी अपेक्षा बहुत अधिक समय के लिये भी किया जा सकता है।

ऊर्जा भण्डारण की विधियाँ

किसी आंकड़ा-केन्द्र में लगी बैटरियाँ जो बिजली जाते ही विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करतीं हैं।
संपीडित वायु से चलने वाली एक गाड़ी

ऊर्जा भण्डारण की सैकड़ों विधियाँ हैं जिनमें से कुछ प्रमुख विधियाँ ये हैं-

विद्युतरासायनिक विधियाँ

  • पुनः चार्ज होने लायक बैटरियाँ
  • सुपरबैटरियाँ

वैद्युत विधियाँ

  • संधारित्र (सुपरकैपेसिटर तथा अन्य संधारित्रों को आवेशित करके)
  • अतिचालक कुण्डली (अतिचालक चुम्बकीय ऊर्जा भण्डारण)

यांत्रिक विधियाँ

ऊष्मीय विधियाँ

  • द्रव नाइट्रोजन
  • द्रव वायु
ऊर्जा प्रौद्योगिकी और उनकी तुलना

इन्हें भी देखें