उपग्रह बस
एक उपग्रह बस किसी उपग्रह का वह मूल ढाँचा होता है जिसपर उपग्रह के विभिन्न प्रणालियाँ लगी रहती हैं और इसके जरिये एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं। [१] इसे स्पेसक्रॉफ्ट बस यानि अंतरिक्षयान बस भी कहा जाता है। यह बस किसी उपग्रह या अंतरिक्ष यान का मूल ढाँचा होता है जो उपग्रह के विभिन्न यंत्रों, प्रायोगिक प्रणालियों को वैज्ञानिक तरीकों से रखने और एक दूसरे से जोड़ने लिये एक मजबूत आधार उपलब्ध कराता है।
ये आम तौर पर भूसमकालिक कक्षा के उपग्रहों में उपयोग किया जाता है, और उनमें भी मुख्यत: संचार उपग्रहों में इनका अधिक इस्तेमाल होता है। निचली कक्षा के अंतरिक्ष यानों में भी इनका इस्तेमाल होता है।[२]
बस आधारित ढाँचों पर आधारित उपग्रह विशिष्ट प्रणालियों के अनुरूप बनाने के लिये होते हैं।[३]
उदाहरण
कुछ उपग्रह-बस के उदाहरण हैं।
- बोइंग ७०२
- यूरोस्टार
- स्टार बस
- इसरो के आई-1के, आई-के, आई-3के, आई-4के और भारतीय लघु उपग्रह बस
- ऐरसैट-३के
संघटक
एक उपग्रह-बस में मुख्यत: निम्नलिखित संघटक होते हैं:[४]
- निर्देश व डेटा संचालन (C&DH) प्रणाली
- संचार तंत्र और ऐंटीना
- इलेक्ट्रिकल उर्ज़ा प्रणाली (EPS)
- प्रणोदन
- उष्मा नियंत्रण
- ऊँचाई नियंत्रण प्रणाली (ACS)
- मार्गदर्शन, नौवहन और नियंत्रण (GNC) प्रणाली
- ढाँचा
- अंतरिक्ष यान#जीवन रक्षा उपकरण मानव उडान अभियानों के लिये।
सन्दर्भ
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ साँचा:cite web
- ↑ Satellite Bus Subsystems स्क्रिप्ट त्रुटि: "webarchive" ऐसा कोई मॉड्यूल नहीं है।, NEC, accessed 25 August 2012.