इमरती
| इमरती / झंग्री | |
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चित्र:JalebiIndia.jpg इमरती | |
| उद्भव | |
| वैकल्पिक साँचा:nowrap | इमरती, झंग्री, ओमरीति |
| संबंधित देश | भारत |
| व्यंजन का ब्यौरा | |
| भोजन | मिठाई |
| मुख्य साँचा:nowrap | उड़द आटा, केसर, घी, चीनी |
इमरती एक प्रकार का मीठा पकवान है जो उर्द की दाल के घोल और चीनी की चाशनी से बनाया जाता है।
इमरती या झंग्री एक प्रकार की स्वादिष्ट मिठाई हैं जो भारत एवं इसके आस पास के देशों में मुग़ल रसोइयों द्वारा लायी गयी थी। यह उरद दाल के पिसी गयी मिश्रण को तेल में तलकर बनाई जाती हैं। इसका आकार गोल एवं फूलों की तरह होता हैं। तलने के बाद इसे चीनी के चासनी में डाला जाता है। इस व्यंजन को जलेबी भी कुछ लोग गलती से समझ लेते हैं, जो आकार में इससे थोड़ी पतली एवं इमरती से एवं ज्यादा मीठी होती हैं।
इमरती उड़द के आटे की घोल से बनाया जाता हैं एवं इसे बोलचाल की भाषा जलेबी परपू (दाल) भी कहा जाता हैं चीनी की चाशनी एवं केशर इसमें रंग लाने के लिए मिलाया जाता है।
इमरती विशुद्ध रूप से भारतीय मिठाई है इसका संस्कृत नाम अमृति है विकिपिडिया का प्रत्येक भारतीय वस्तु को विदेशी घोषित करना निंदनीय है
तैयारी
इमरती उड़द के आटे और शकर से बनाई जाती है। आटे में पानी मिला कर गोंदा जाता है। इस के खूबसूरत रंग के लिए केसरिया रंग जोड़ा जाता है। कढ़ाई में तेल गरम किया जाता है, उस कढ़ाई में गोंदे हुए आटे को गोल शकल में उतारा जाता है। स्वर्ण रंग में जलने तक टला जाता है। फिर उस तले गए इमरती को निकाल कर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। सुगंध के लिए इलायची के पाउडर को भी इस्तेमाल किया जाता है। दक्षिण भारत के जलेबी उड़द की दाल से बनाया जाता है।
जन्गिरी
इस को जन्गिरी या झांगरी भी कहते हैं। दक्षिण भारत में झांगरी के नाम से लोकप्रिय है। उड़द की दाल को कुछ घंटे के लिए पानी में भिंगो कर रख देते है फिर इसको पत्थर से पीसकर इसका एक महीन मिश्रण बना देते हैं फिर इस घोल को घी में तल दिया जाता हैं कभी कभार इसमें अन्य प्रकार के तेल भी मिलाया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका स्वाद हैं एवं मुह में घोलते ही यह पिघल सा जाता हैं।
इस घोल को तलने के पहले कपूर (खाने योग्य), लौंग, इलाइची एवं केशर के साथ मिलाया जाता हैं, इस तले हुए पदार्थ को चीनी चासनी में मिलाया जाता हैं। इसे तब तक बाहर नहीं निकाला जाता जबतक इसकी आकार में वृद्धि नहीं हो जाये एवं इसके अन्दर पर्याप्त मात्रा में चासनी नहीं मिल जाये, उत्तरी भारत में बनने वाली इमरती को आमतौर थोड़ी सुखी रहती हैं। फिर इस चासनी से निकाले गए गरमागरम इमरती को या तो गरम,कमरे के तापमान या फिर फ्रिज में रख कर ठंडा कर के परोसा जाता हैं। लेकिन ज्यादातर यह गरम में ही ज्यादा पसंद की जाती हैं।
परोसना
दक्षिण भारत में भोजन के दौरान परोसी जाती हैं एवं शादियों और समारोहों में भी यह बहुत लोकप्रिय है। विशेष रूप से, उत्तर प्रदेश का जौनपुर शहर अपनी इमरती के लिए प्रसिद्ध है। [१] इमरती उतर भारत में भी काफी लोकप्रिय हैं एवं शायद ही कोई ऐसी शादी हो जिसमे यह मिठाई के तौर पर नहीं परोसी जाती हैं। यद्यपि प्रत्येक प्रदेश ने इसमें अपने हिसाब एवं संस्कृति से बदलाव किये हैं। भारत के अलावा अन्य पड़ोसी देश जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं नेपाल में भी यह उतनी ही लोकप्रिय हैं। हालाकि इनमे क्षेत्र के हिसाब से थोड़े बहुत बदलाव किये गए हैं।
यह भी देखें
गैलरी
Ready to serve in a street stand
- Imarti Rabdi.jpg
Imarti served in streets of Delhi
- Paneer wali Imarti.jpg
Imarti
- Frying Amriti - Dum Dum - Kolkata 2012-04-22 2210.JPG
Frying process
- Hot n Crisp Jalebis.jpg
After frying
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
साँचा:sec link auto से संबंधित विकिमीडिया कॉमन्स पर मीडिया