जयन्ती

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
103.95.80.13 (चर्चा) द्वारा परिवर्तित ०७:५५, २७ जनवरी २०१८ का अवतरण (मैने नई जानकारी जोडी है)
(अन्तर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अन्तर) | नया अवतरण → (अन्तर)
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ

जयंती इन्द्र की पुत्री थी। जिनका विवाह जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जिन्हें भगवान आदिनाथ भी कहा जाता है से हुआ था। ये भगवत पुराण में भी उल्लिखित किया गया है। इनके सौ पुत्र उत्पन्न हुये। उनमें भरत चक्रवर्ती सबसे बड़े एवं गुणवान थे। उनसे छोटे कुशावर्त, इलावर्त, ब्रह्मावर्त, मलय, केतु, भद्रसेन, इन्द्रस्पृक, विदर्भ और कीकट ये नौ राजकुमार शेष नब्बे भाइयों से बड़े एवं श्रेष्ठ थे। उनसे छोटे कवि, हरि, अन्तरिक्ष, प्रबुद्ध, पिप्पलायन, आविर्होत्र, द्रुमिल, चमस और करभाजन ये नौ पुत्र राजकुमार भागवत धर्म का प्रचार करने वाले बड़े भगवद् भक्त थे। इनसे छोटे इक्यासी पुत्र पिता की आज्ञा का पालन करते हुए पुण्यकर्मों का अनुष्ठान करने से शुद्ध होकर ब्राह्मण हो गये।

जयंती के बारे में भगवत पुराण के अलावा जैन धर्म के ग्रंथों में विस्तार से विदित होता है।